32 सदस्य देशों वाले सैन्य गठबंधन नाटो में अमेरिका नाटी और नाइस देशों की सूची तैयार कर रहा है।
नाटो का अघोषित नेतृत्वकर्ता अमेरिका यह सूची ईरान युद्ध और उससे पहले यूक्रेन में युद्धविराम को लेकर यूरोपीय देशों के रुख का आकलन कर तैयार कर रहा है।
नाटी देशों की सूची में अमेरिका का असहयोग करने वाले देशों को रखा जाएगा जबकि नाइस देशों की सूची में अमेरिकी नीति के अनुसरणकर्ता देश होंगे।
अमेरिका यह सूची नाटो महासचिव मार्क रूट से चर्चा के बाद बना रहा है। रूट ने हाल ही में अमेरिका का दौरा किया था।
नाटो को नाटी और नाइस में बांट रहा अमेरिका
सूत्रों के अनुसार वैसे इस विचार पर कार्य दिसंबर 2025 में ही शुरू हो गया था, तब अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस आशय के संकेत दिए थे।
उन्होंने रक्षा मामलों के सेमिनार में आदर्श सहयोगियों की चर्चा की थी और कहा था कि उन्हें अमेरिका की ओर से विशेष सहायता मिलेगी। लेकिन जो देश अमेरिका के प्रति असहयोग का रुख रखेंगे, उन्हें विशेष सहायता से तो वंचित होना पड़ेगा, साथ ही दंड का भागी बनना पड़ेगा।
हाल के दिनों में ज्यादातर नाटो सहयोगियों ने ईरान युद्ध में अमेरिका का साथ देने से इन्कार कर दिया। कुछ ने इससे आगे जाकर अपने एयरबेस का इस्तेमाल भी हमले के लिए न करने को कहा।
फ्रांस, ब्रिटेन जैसे प्रमुख सहयोगियों ने होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए अमेरिका का सहयोग करने से इनकार कर दिया और इस अपनी अलग मुहिम शुरू कर दी।
इससे विश्व में अमेरिकी हितों और अमेरिकी प्रतिष्ठा को झटका लगा है। नाटो के भीतर ही अमेरिका अलग-थलग दिखाई दे रहा है जो संभवत: द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पहला मौका है।
इस स्थिति से बौखलाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो गठबंधन को लेकर कई तीखे बयान दिए और अब सहयोगियों की परिभाषा नए सिरे से तैयार करने के प्रशासन को निर्देश दिए हैं।