अमेरिका-ईरान तनाव बरकरार, होर्मुज में बढ़ी जहाजों की आवाजाही; क्रूड ऑयल की कीमतों में नहीं आई गिरावट…

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी है।

हालांकि, इस तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए राहत की खबर यह है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही फिर तेज होने लगी है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत शुक्रवार को भी करीब 90 डालर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रही।

एएनआई के मुताबिक, गुरुवार को 28 जहाजों ने होर्मुज पार किया, जो पिछले दो सप्ताह में सबसे अधिक है। इससे पहले 14 जुलाई को 35 जहाज इस मार्ग से गुजरे थे। इनमें अधिकांश एलएनजी टैंकर थे और करीब 60 प्रतिशत जहाज ईरान से जुड़े बताए गए हैं। हालांकि, फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने दो टैंकरों को रोक लिया, जबकि चार जहाज बीच रास्ते से लौट गए।

लाल सागर में बढ़ी आवाजाही

लाल सागर में बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से भी जहाजों की आवाजाही बढ़ी है। गुरुवार को यहां से 39 जहाज गुजरे, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 34 थी। हाउती विद्रोहियों के खतरे के बीच कई जहाज अपनी लोकेशन छिपाने के लिए एआइएस (आटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) बंद कर यात्रा कर रहे हैं।

कुवैत और बहरीन में हमले का दावा

रायटर के अनुसार, ईरानी सेना ने दावा किया कि केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले में तीन नागरिकों की मौत के जवाब में उसने कुवैत स्थित अहमद अल-जबर एयर बेस पर मिसाइल हमला किया।

ईरान का कहना है कि इस हमले में लड़ाकू विमानों के हैंगर, उपग्रह संचार प्रणाली और हथियार भंडार को नुकसान पहुंचा, जिससे अमेरिकी सैन्य अभियान प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, ईरानी सेना ने बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर भी ड्रोन हमला करने का दावा किया है।

सेंटकॉम ने खारिज किया दावा

हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान के सभी मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया। अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि जार्डन के अल-अजराक एयर बेस पर तैनात एफ-35 लड़ाकू विमानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा और सभी विमान पूरी तरह परिचालन के लिए तैयार हैं।

अमेरिकी सीनेट में प्रस्ताव गिरा

इस बीच, अमेरिका में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रस्ताव सीनेट में सिर्फ एक वोट से खारिज हो गया। न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 49 और विरोध में 50 वोट पड़े। वहीं, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गलीबाफ ने कहा कि केश्म द्वीप पर हमलों में मारे गए निर्दोष नागरिकों के खून की कीमत अमेरिका को चुकानी पड़ेगी।

भारतीय कंपनी पर भी अमेरिकी कार्रवाई

प्रेट्र के अनुसार, अमेरिका ने ईरानी एयरलाइन महान एयर से कथित संबंध रखने वाली छह संस्थाओं और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें भारत की स्कीज ट्रैवल्स एंड लाजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है।

अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने लगाए गंभीर आरोप

अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय का आरोप है कि ये संस्थाएं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड या महान एयर को वित्तीय, लाजिस्टिक और व्यावसायिक सहायता उपलब्ध करा रही थीं। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, वह वर्ष 2020 से महान एयर की जनरल सेल्स एजेंट के रूप में कार्य कर रही थी।

उधर, कुवैत में ईरानी हमले में मारे गए नेपाली नागरिक की पहचान 44 वर्षीय सोम कुमार तमांग के रूप में हुई है। नेपाली दूतावास ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर स्वदेश भेजने की प्रक्रिया जारी है।

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