इजरायल सैन्य मदद के लिए अमेरिकी वित्तीय निर्भरता खत्म करना चाहता है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को प्रसारित साक्षात्कार में उम्मीद जताई कि एक दशक में इजरायल की अमेरिकी सैन्य समर्थन पर निर्भरता नहीं रहेगी।
इजरायल खाड़ी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में नेतृत्व परिवर्तन संभव है, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है।
नेतन्याहू ने सीबीएस न्यूज के ’60 मिनट्स’ कार्यक्रम में कहा, मैं हमारे सैन्य सहयोग के तहत मिलने वाली अमेरिकी वित्तीय सहायता को शून्य तक कम करना चाहता हूं।
नेतन्याहू ने अमेरिकी सैन्य सहायता पर निर्भरता खत्म करने की बात कही
इजरायल को प्रति वर्ष लगभग 3.8 अरब डालर की अमेरिकी सैन्य सहायता मिलती है।
अमेरिका ने 2018 से 2028 तक इजरायल को कुल 38 अरब डालर की सैन्य सहायता प्रदान करने पर सहमति जताई है, लेकिन नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका-इजरायल के वित्तीय संबंधों को संभवत: नए सिरे शुरू करने का यह ‘बिल्कुल’ सही समय है।
इजरायल को सैन्य सहायता के लिए अमेरिकी कांग्रेस में लंबे समय से द्विदलीय सहमति प्राप्त थी, लेकिन अक्टूबर 2023 में गाजा में युद्ध छिड़ने के बाद से सांसदों और जनता का समर्थन कमजोर पड़ गया है।
ईरान युद्ध को लेकर नेतन्याहू ने कहा, यह समझने में कुछ समय लगा कि यह जोखिम कितना बड़ा है, जिसे वे अब समझ चुके हैं।
नेतन्याहू ने ईरान में इजरायल की सैन्य योजनाओं के बारे में चर्चा करने से इन्कार कर दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि ईरान के नेतृत्व में बदलाव होने की कोई गारंटी नहीं है।
उन्होंने कहा, अगर यह नेतृत्व वास्तव में कमजोर हो जाता है तो मुझे लगता है कि यह हिजबुल्ला का अंत होगा, यह हमास का अंत होगा, यह शायद हाउतियों का भी अंत होगा, क्योंकि ईरान समर्थक आतंकी प्राक्सी नेटवर्क का पूरा ढांचा ढह जाएगा।
आयरन डोम मिसाइलों के खिलाफ लगभग 99 प्रतिशत प्रभावी: राफेल
आयरन डोम निर्माता कंपनी राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड के अध्यक्ष ने सोमवार को कहा कि इजरायल का आयरन डोम हमास और हिजबुल्ला आतंकियों की मिसाइलों के खिलाफ लगभग 99 प्रतिशत प्रभावी रहा है और इसने ईरान की अधिकांश मिसाइलों को नाकाम कर दिया है।
राफेल के युवल स्टाइनिट्ज ने यरुशलम सेंटर फार सिक्योरिटी एंड फारेन अफेयर्स के सम्मेलन में बताया कि अक्टूबर 2023 में हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले के बाद से गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्ला ने मिलकर इजरायल पर लगभग 40 हजार राकेट दागे हैं।
स्टाइनिट्ज ने कहा कि ईरान ने 2024 से अब तक हुए दो दौर के संघर्षों में इजरायल पर लगभग 1,500 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं और उनमें से ”केवल कुछ दर्जन” ही रोकी नहीं जा सकीं।