मिडिल ईस्ट में बीते पांच महीनों से जारी भीषण संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह रूप लेता नजर आ रहा है।
इसी बीच हालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में स्थित अपने दूतावासों के जरिए वहां रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है।
अमेरिका ने बहरीन, इराक, इजराइल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अपने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने या हालात बिगड़ने पर अचानक जाने के लिए तैयार रहने को कहा है।
ट्रंप की चेतावनी का दिख रहा असर
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को बहुत करारा जवाब देने की धमकी देने के ठीक एक दिन बाद यह सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरानी सरकार का रुख काफी अप्रत्याशित है और वे बिना किसी चेतावनी के कभी भी हमले कर सकते हैं।
अलग-अलग देशों के लिए खास निर्देश
ट्रंप प्रशासन ने अलग-अलग देशों के लिए खास निर्देश दिया है। ट्रंप प्रशासन के अनुसार इजराइल में रह रहे अमेरिकियों से कहा गया है कि वे अपने घर के सबसे पास बने बम शेल्टर की पहचान करके रखें। वहीं जॉर्डन में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अमेरिकी सैन्य अड्डों के आसपास बिल्कुल न जाएं, क्योंकि हाल ही में वे ईरानी हमलों की चपेट में आए हैं।
बात अगर लेबनान की करें तो बेरूत स्थित अमेरिकी दूतावास में पहले से ही ‘अनिवार्य निकासी’ लागू है, यानी गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को पहले ही सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
समुद्री रास्तों और व्यापार पर कैसा असर?
गौरतलब है कि ओमान के तट के पास एक तेल के टैंकर पर किसी अज्ञात चीज से हमला हुआ है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भी एक अन्य जहाज के पास धमाका होने की खबर है। इसके चलते समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस तनाव की वजह से इस रास्ते से होने वाला व्यापार और जहाजों की आवाजाही बहुत कम हो गई है।
इसके साथ ही कुवैत की सेना ने देश के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए ईरानी ड्रोन हमलों को नाकाम किया है। वहीं गाजा और दक्षिणी लेबनान में भी इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष लगातार जारी है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।