भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की ने JEE Advanced-2026 का परीक्षा परिणाम रविवार देर रात घोषित कर दिया।
आइआइटी दिल्ली के शुभम जेईई एडवांस्ड के टॉपर बने। शुभम बिहार के रहने वाले हैं।
परीक्षा में कुल 1,87,389 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,79,694 उम्मीदवारों ने 17 मई 2026 को आयोजित परीक्षा के पेपर-1 और पेपर-2 दोनों में भाग लिया। इस परीक्षा में कुल 56,880 उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए हैं। कुल उत्तीर्ण उम्मीदवारों में से 10,107 महिला उम्मीदवार हैं।
JEE Advanced-2026 का परीक्षा परिणाम
आइआइटी दिल्ली जोन के शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक प्राप्त किए। आइआइटी दिल्ली जोन की आरोही देशपांडे लड़कियों में टॉप पर रहीं, जिन्होंने सीआरएल 77 रैंक हासिल की है। उन्होंने 360 में से 280 अंक प्राप्त किए।
जेईई एडवांस्ड-2026 के दूसरे नंबर पर आइआइटी दिल्ली जोन के कबीर छिल्लर रहे हैं, उन्होंने 360 में से 329 अंक प्राप्त किए हैं। आइआइटी दिल्ली जोन के ही जतिन चाहर 360 में से 319 अंक हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। जतिन मूल रूप से राजस्थान के सीकर के रहने वाले हैं।
परीक्षा परिणाम घोषित करते हुए आइआइटी रुड़की के निदेशक और जेएबी के चेयरमैन प्रो. कमल किशोर पंत ने जेईई एडवांस्ड 2026 उत्तीर्ण करने वाले सभी छात्रों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनकी लगन, दृढ़ता और शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। सभी योग्य उम्मीदवार जोसा 2026 काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
समाज कल्याण के 163 छात्रों ने किया JEE-Advanced 2026 पास
सोमवार को घोषित नतीजों के अनुसार, तेलंगाना समाज कल्याण आवासीय शिक्षण संस्थान सोसायटी के कुल 355 छात्रों ने JEE Advanced 2026 की परीक्षा दी थी, जिनमें से 61 छात्र उत्तीर्ण हुए और 102 छात्रों ने प्रारंभिक रैंक हासिल की। इस तरह कुल 163 छात्रों ने सफलता प्राप्त की।
SC, ST और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री, अड्लूरी लक्ष्मण कुमार ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी और कहा कि ये नतीजे शिक्षा के माध्यम से सामाजिक न्याय को साकार करने के राज्य सरकार के प्रयासों का प्रमाण हैं।
अड्लूरी लक्ष्मण कुमार ने कहा, ‘गुरुकुल के छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि गरीबी प्रतिभा के आड़े नहीं आती। यह गर्व की बात है कि ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्रों ने देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में दाखिला हासिल किया है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है कि गुरुकुल के छात्र राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें।’
शुभम को JEE-Mains में भी मिला था 100 परसेंटाइल
देशभर में प्रथम आने के बाद बिहार के गयाजी में शुभम को सोमवार को उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। घर पर मौजूद उनके दादा रामचंद्र दास ने बताया कि शुभम बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और मेहनती रहा है।
शुभम जेईई मेन-2026 के दोनों सत्रों में 100 परसेंटाइल हासिल कर चुके हैं। शुभम ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से जेईई की तैयारी के प्रति समर्पित थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए निश्चित समय-सारिणी बनाई थी और उसी अनुसार अध्ययन करते थे। लगातार अभ्यास, कमजोर विषयों पर अतिरिक्त ध्यान और नियमित आत्म मूल्यांकन को तैयारी का अहम हिस्सा बनाया।
शुभम ने अपनी सफलता का श्रेय श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को देते हुए कहा कि परीक्षा में पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त करना अविस्मरणीय अनुभव है।
शुभम के पिता हार्डवेयर व्यवसाय से जुड़े हैं और मां हैं गृहिणीशुभम के पिता शिव कुमार गयाजी शहर में ही हार्डवेयर व्यवसाय से जुड़े हैं और माता कंचन देवी गृहिणी हैं। उनकी प्रतिभा को देखते हुए कोचिंग संस्थान ने उन्हें 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति भी प्रदान की थी।
इसी आधार पर वह कोटा में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। शुभम की बड़ी बहन श्रेया कुमारी भी पिछले वर्ष जेईई की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वह अभी आइआइटी पटना में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रही हैं।
जतिन ने मोबाइल और इंटरनेट मीडिया से बनाई दूरी
परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करने वाले जतिन चाहर ने पढ़ाई के दौरान मोबाइल और इंटरनेट मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी, जिससे उनका ध्यान केवल पढ़ाई पर केंद्रित रहा। उन्होंने बताया कि वह कोचिंग के अलावा प्रतिदिन छह से सात घंटे अतिरिक्त अध्ययन करते थे। इस तरह उनकी कुल पढ़ाई करीब 12 घंटे प्रतिदिन होती थी।
जतिन का मानना है कि किसी भी विषय में यदि कोई समस्या आती थी तो वह तुरंत अपने शिक्षकों से उसका समाधान कर लेते थे। विषय से संबंधित सभी शंकाओं का समाधान होने के बाद ही अगले टापिक पर आगे बढ़ते थे। जतिन के पिता दिनेश कुमार सीमा सुरक्षा बल में हेड कांस्टेबल हैं।