धनीपुर एयरपोर्ट से प्रशिक्षण उड़ान पर निकले विमान की खेत में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग के मामले में जांच तेज हो गई है। सोमवार को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की टीम ने जलाली क्षेत्र के चंगेरी गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और तकनीकी पहलुओं की जानकारी जुटाई।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इंजन में खराब आने के चलते पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए खेत में इमरजेंसी लैंडिंग कराई थी। अब अधिकारी विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
जांच पूरी होने तक पायनियर कंपनी की सभी प्रशिक्षण उड़ानों पर रोक जारी रहेगी। अब एयरपोर्ट परिसर पर केवल चेतक क्लब की ही उड़ानों का संचालन किया जा रहा है।
इंजन में खराबी आने से हुई थी इमरजेंसी लैंडिंग
रविवार को सुबह नौ बजे करीब धनीपुर एयरपोर्ट से पॉयनियर कंपनी का ट्रेनी एयरक्राफ्ट पी-40 नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर रवाना हुआ था। विमान में सवार जालंधर निवासी इंस्ट्रक्टर पायलट असद व ग्रेटर नोएडा निवासी प्रशिक्षु पायलट कुणाल कसाना सवार थे। उड़ान के दौरान करीब 30 मिनट बाद विमान में तकनीकी समस्या आ गई। स्थिति बिगड़ती देख पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए जलाली क्षेत्र के गांव चंगेरी के पास खेत में विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा दी।
सोमवार देर शाम तक खेत में खड़ा रहा विमान
विमान के पहिए खेत की नरम मिट्टी में धंस गए। इससे वाहन वहीं रुक गया। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों लोग पूरी तरह सुरक्षित रहे। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए थे। मामले की जानकारी डीजीसीए को दी गई। इसके बाद शाम को ही टीम मौके पर पहुंचे। टीम ने देर शाम मौका मुआयना किया। इसके बाद सोमवार को भी पूरे दिन टीम ने जांच पड़ताल की।
डीजीसीए की टीम की अंतिम रिपोर्ट का हो रहा इंतजार
कई बार घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। रनवे का भी मौका मुआयना किया। विमान के हर उपकरण की जांच की। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इंजन में तकनीकी खराब आने से विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी। अब मंगलवार को जांच पूरी होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के प्रभारी अधिकारी सत्यव्रत सारस्वत ने बताया कि विमान हादसे की जांच चल रही है। रिपोर्ट आने पर ही अंतिम स्थिति पर कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल पायनियर की सभी उड़ानों पर रोक लगी हुई है।
टुकड़ों में एयरपोर्ट लाया जाएगा विमान
घटना के बाद विमान सोमवार देर शाम तक खेत में ही खड़ा रहा। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को इसे टुकड़ों में एयरपोर्ट परिसर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए विमान के इंजन व अन्य उपकरणों को अलग किया जाएगा, जबकि पंखों को भी मुख्य ढांचे से हटाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार पूरे विमान को एक साथ स्थानांतरित करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए तकनीकी प्रक्रिया के तहत इसे अलग-अलग हिस्सों में ले जाया जाएगा।
हादसों के बाद शहरवासियों में बढ़ी चिंता
धनीपुर एयरपोर्ट से संचालित फ्लाइंग क्लबों को लेकर अब शहरवासियों में चिंता बढ़ने लगी है। लोगों का कहना है कि प्रशिक्षण विमान दिनभर शहर व घनी आबादी वाले क्षेत्रों के ऊपर उड़ान भरते रहते हैं। पिछले कुछ वर्षों में कई बार तकनीकी खराबी और आपात स्थिति के मामले सामने आ चुके हैं।
ऐसे में लोगों को आशंका है कि अगर भविष्य में किसी आबादी वाले इलाके में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। लोग फ्लाइंग गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था व निगरानी को और मजबूत किए जाने की मांग उठा रहे हैं।