गाजा पट्टी में इजरालय के दो हवाई हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। मरने वालों में चार साल का एक बच्चा भी शामिल है।
यह घटना तब हुई जब इजरायल ने गाजा से उसकी ओर गुब्बारे, ड्रोन और पतंगें छोड़े जाने के बाद हमलों को और तेज करने की धमकी दी थी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक हमला मध्य शहर जवायदा की एक इमारत पर हुआ। इससे पहले इजरायली सेना ने इमारत के मालिकों को जगह खाली करने की चेतावनी दी थी।
मरने वालों में एक बच्चा भी शामिल
मेडिकल कर्मियों ने बताया कि हमले के बाद मलबे और धातु के टुकड़े दर्जनों मीटर के दायरे में फैल गए, जिससे कम से कम छह लोग घायल हो गए। घायलों में चार साल का मोहम्मद अब्देल-सलाम ताहा भी शामिल था, जिसे बाद में अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
उस इमारत के पास शरण लिए हुए विस्थापित फलस्तीनी अबू अहमद ने कहा, “कोई युद्धविराम नहीं है, कुछ भी नहीं है।” हवाई हमले ने इमारत को मुड़े हुए स्टील और कंक्रीट के ढेर में बदल दिया था। उन्होंने आगे कहा, “हम समाधान चाहते हैं, हम शांति से रहना चाहते हैं।”
दूसरा हवाई हमला कहां पर हुआ?
फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि दूसरा हवाई हमला पास के नुसेइरात शरणार्थी शिविर पर हुआ। ये हमले ऐसे समय में हुए जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी थी कि अगर गाजा पट्टी से ड्रोन, गुब्बारे और पतंगें छोड़े जाने का सिलसिला तुरंत नहीं रुका तो इजरायल इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ लक्षित हमलों को और तेज कर देगा।
वहीं, हमास ने इजरायल पर आरोप लगाया कि वह बच्चों की पतंगों का बहाना बनाकर गाजा पर हमले बढ़ा रहा है। एक्स पर इजरायल के प्रधानमंत्री के आधिकारिक अकाउंट से किए गए एक पोस्ट में कहा गया कि नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने आज शाम गाजा पट्टी से इजरायल की ओर छोड़े जा रहे ड्रोन, गुब्बारों और पतंगों से पैदा हुए खतरे के संबंध में स्थिति का जायजा लिया।