गुजरात के सत्र न्यायालय ने आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी।
इसमें उन्होंने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शैक्षिक डिग्री से जुड़े दस्तावेज मांगने की अर्जी खारिज की गई थी।
केजरीवाल ने अपने और पार्टी सांसद संजय सिंह के खिलाफ चल रहे मानहानि मुकदमे के हिस्से के तौर पर अदालत में याचिका दायर की थी। मानहानि का मुकदमा गुजरात विश्वविद्यालय ने दायर किया है।
आरोप है कि दोनों नेताओं ने कहा था कि विश्वविद्यालय से जारी प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री फर्जी हो सकती है। केजरीवाल और सिंह ने प्रधानमंत्री की डिग्री के दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था, जिसे मंजिस्ट्रेट अदालत ने 10 मार्च को खारिज कर दिया था।
इसे चुनौती देते हुए सत्र न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की गई। सत्र न्यायाधीश पीबी पटेल की अदालत में गुजरात विश्वविद्यालय की ओर से अधिवक्ता अमित नायर ने तर्क दिया कि केजरीवाल और सिंह पहले से मानहानि के मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
पुनर्विचार याचिका बिना ठोस आधार के जानकारी जुटाने और अपने बयानों को सही ठहराने की कोशिश है। कानून के तहत इसकी अनुमति नहीं है। अदालत ने सुनवाई के बाद पुनर्विचार याचिका को खारिज दिया।