पराली जलाने पर सख्ती: कृषि मंत्री की पहल, धुंध और प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद…

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि सरकार पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक योजना बना रही है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आस-पास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की कोशिशों के तहत शिवराज ने पराली जलाने की समस्या और इससे निपटने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बैठक की।

शिवराज ने एक्स पर पोस्ट किया, हमने तय किया है कि धान की बोआई के समय से ही ऐसी योजना बनाई जाए जिससे पराली जलाने की घटनाएं न हों। खरीफ सीजन के लिए धान की बोआई चल रही है। फसलों की कटाई सितंबर में होगी।

शिवराज ने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण के साथ साथ धरती माता का स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है, मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है और प्रदूषण बढ़ता है। शिवराज ने बताया कि दोनों विभागों ने पराली प्रबंधन पर प्रेजेंटेशन दिए और कई कदम उठाने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि हाटस्पाट जिलों की रियल-टाइम मानिटरिंग और विशेष निगरानी के जरिये पराली प्रबंधन के सभी पहलुओं पर काम किया जाएगा। पराली का सफल प्रबंधन करने वाले मॉडल गांवों को लोगों के बीच प्रस्तुत करने, पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करने, पराली के संग्रहण एवं उपयोग की व्यवस्था तथा जन-जागरण के माध्यम से पराली प्रबंधन के सभी पहलुओं पर प्रभावी ढंग से काम करने का निर्णय लिया गया है।

पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने पोस्ट कर बताया कि उन्होंने कृषि मंत्री के साथ मिलकर पराली प्रबंधन, एनसीआर व आस-पास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पराली जलाने से रोकने के उपायों पर समीक्षा की।

एक जुलाई को आंध्र प्रदेश से होगा वीबी-जी राम-जी का शुभारंभ

शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि नई ग्रामीण रोजगार योजना ‘वीबी-जी राम जी’ (विकसित भारत – रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ एक जुलाई को आंध्र प्रदेश से होगा।

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए लांचिंग कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह निर्णय केंद्रीय मंत्री शिवराज और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के बीच नई दिल्ली में हुई एक बैठक के दौरान लिया। इस बैठक में आंध्र प्रदेश के ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई।

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