आग की घटनाओं के बाद दिल्ली में सख्ती, PWD ने सभी इमारतों के फायर सेफ्टी ऑडिट के दिए निर्देश…

दिल्ली में अब जब आग की घटनाएं बढ़ रही हैं, पिछले दो माह के अंदर 20 से अधिक लोगों की आंख से जलकर मृत्यु हो चुकी है।

तब लोक निर्माण विभाग नीद से जागा है।, विभाग ने अपने अंतर्गत रखरखाव वाली सभी इमारतों का अग्नि सुरक्षा आडिट कराने का फैसला लिया है।

दरअसल लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अपने अंतर्गत आने वाले भवनों में अग्निसुरक्षा की जांच को लेकर लापरवाही बरतते थे।

अब विभाग के भवन का रखरखाव करने वाले अधिकारी हर साल अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र लेंगे। लोक निर्माण विभाग के प्रधान मुख्य अभियंता जेजेआर मीणा ने शुक्रवार को इसे लेकर आदेश जारी किया है।

प्रत्येक भवन का अग्नि सुरक्षा आडिट कराएं

आदेश में पीडब्यूडी के संबंधित पूर्व, उत्तर, दक्षिण क्षेत्र के सभी संबंधित अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले प्रत्येक भवन का अग्नि सुरक्षा आडिट कराएं और प्रत्येक वर्ष 25 जून या उससे पहले एक प्रमाण पत्र जारी करें।

यदि कोई कमी पाई जाती है, तो उसे रखरखाव कार्यों के तहत ठीक किया जाए और एनबीसी भवन सुरक्षा मानदंडों के अनुसार सभी भवन प्रविधानों का पालन किया जाए। इस प्रमाण पत्र को एक अलग फाइल में रखा जाना चाहिए जिसकी समय-समय पर उच्च अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जाएगी।

बता दें कि पीडब्ल्यूडी दिल्ली सरकार की सार्वजनिक और प्रशासनिक संपत्तियों के निर्माण व रखरखाव के लिए नोडल एजेंसी है। दिल्ली लोक निर्माण विभाग द्वारा 150 से अधिक प्रमुख सार्वजनिक इमारतों और लगभग 6,500 सरकारी आवास इकाइयों का रखरखाव किया जाता है।

दायरे में आने वाली प्रमुख इमारतों में 42 से अधिक प्रमुख अस्पताल शामिल

इनके रखरखाव के दायरे में आने वाली प्रमुख इमारतों में 42 से अधिक प्रमुख अस्पताल,जिला अदालतें, पुलिस स्टेशन और तकनीकी संस्थान शामिल हैं। इसी तरह जेल, जिला अदालतें, मंत्रियों, अधिकारियों और न्यायाधीशों के आधिकारिक आवास के साथ साथ दिल्ली सचिवालय, विधानसभा सहित अन्य प्रमुख इमारतें भी शामिल हैं।

लोक निर्माण विभाग द्वारा रखरखाव की जा रहीं इमारतों और भवनों में कहने के लिए अग्नि सुरक्षा यंत्र लगाए गए हैं, मगर कई बार अधिकारी ऐसे मामलाें में भी लापरवाही करते हैं। इसे देखते हुए विभाग द्वारा अपने अंतर्गत आने वाली सभी प्रमुख और महत्वपूर्ण इमारतों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। इनमें आग लगने वाले संभावित कारणों में शामिल होने वाले बिजली के तार, केबल, एसी आदि का निरीक्षण आदि किया जाएगा।

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