बंगाल सहित पांच राज्यों में हाल ही में हुए चुनाव के दौरान मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) को विपक्ष भले ही मुद्दा बनाए हुए था, लेकिन हकीकत यह है कि एसआइआर के बाद इन राज्यों मतदाता और मतदान प्रतिशत दोनों में भारी बढ़ोतरी देखी गई।
2021 यानी पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले बंगाल में इस बार जहां 34.23 लाख मतदाताओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं असम में 2021 के मुकाबले 53.68 लाख अधिक मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया है। ऐसी ही स्थिति तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी देखने को मिली है।
चुनाव आयोग की ओर जारी किए आंकड़ों के अनुसार, बंगाल में 2021 के विधानसभा में जहां कुल 6.04 करोड़ मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया था, वहीं 2026 में 6.38 करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया।
इसी तरह असम में 2021 के विधानसभा चुनाव में जहां 1.93 करोड़ मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया था वहीं इस बार 2.16 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सा लिया।
इस तरह तमिलनाडु में 2021 में जहां 4.63 करोड़ मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया था, वहीं इस बार 4.93 करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया।
वहीं, केरल में जहा 2021 में 2.09 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सा लिया था, 2026 में 2.16 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही पुडुचेरी में 2021 में जहां 8.37 लाख मतदाताओं में हिस्सा लिया था, वहीं 2026 में 8.66 लाख मतदाताओं ने मतदान किया।
यानी पांच राज्यों में 2021 की तुलना में मतदान प्रतिशत के साथ मतदान में हिस्सा लेने वाले मतदाता भी बढ़े है।
गौरतलब है कि एसआइआर के बाद कराए गए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत भी बंगाल में 93.71, केरल में 79.53, तमिनलाडु में 86.03, पुडुचेरी में 91.19 व असम में 86.33 प्रतिशत मतदान हुआ है। जो इन राज्यों में पिछले सभी चुनावों के मुकाबले सबसे अधिक था।