अखिर डिजिटल संप्रभुता क्या है? जानिए कैसे यूरोप इसके जरिए अमेरिकी टेक कंपनियों से दूरी बना रहा है…

यूरोप अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों पर अपनी निर्भरता कम करने की ओर अग्रसर है। इसके लिए यूरोप डिजिटल संप्रभुता पर जोर दे रहा है।

हाल ही में यूरोपीय संसद ने ‘यूरोपीय तकनीकी संप्रभुता’ की मांग करने वाली एक रिपोर्ट का समर्थन किया है।

दरअसल, यूरोपीय सांसदों ने क्लाउड कंप्यूटिंग, एआई और सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में विदेशी हस्तक्षेप को सीमित करने और खुद का मजबूत बुनियादी ढांचा खड़ा करने की मांग की है।

रिपोर्टर एमईपी सारा कनाफो (ESN/FRA) ने X पर एक पोस्ट में कहा कि यद्यपि कुछ निष्कर्षों और उपायों में नरमी बरती गई है, फिर भी यह विदेशी तत्वों से ‘यूरोपीय डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यहां हम जानेंगे कि डिजिटल संप्रभुता, संप्रभु क्लाउड और इसके लाभ क्या हैं, और किन प्रमुख नामों को जानना आवश्यक है।

डिजिटल संप्रभुता क्या है?

डिजिटल संप्रभुता शब्द का प्रयोग डेटा संप्रभुता के पर्यायवाची के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसका अर्थ किसी देश, संगठन या व्यक्ति का अपने डेटा, डिजिटल बुनियादी ढांचे (जैसे क्लाउड, सर्वर) और ऑनलाइन गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण होना है।

डिजिटल संप्रभुता विदेशी हस्तक्षेप के बिना अपने डिजिटल भविष्य को स्वतंत्र रूप से निर्धारित करने, डेटा सुरक्षा, तकनीकी आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता है।

इंटरनेट युग में वैश्विक पहुंच से सुरक्षा और गोपनीयता की प्राथमिकता के लिए डिजिटल संप्रभु की जरुरत है।

डिजिटल संप्रभुता के लाभ

डिजिटल संप्रभुता के लाभ केवल भारी-भरकम GDPR जुर्माने से बचने तक ही सीमित नहीं हैं- यह एक ऐसा मुद्दा है जिसने पिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गजों को चिंतित किया है।

डिजिटल संप्रभुता भू-राजनीतिक लचीलापन प्रदान करती है।

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