सीबीआई ने मुंबई में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) के पश्चिम जोन कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी और कोलकाता की एक प्राइवेट कंपनी के निदेशक को लगभग चार लाख रुपये रिश्वत के मामले में गिरफ़्तार किया है।
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि सीबीआई ने 22 जुलाई को दोनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि आईआरसीटीसी के अधिकारी ने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर अपने सरकारी पद का अनुचित लाभ उठाया।
दोनों आरोपितों के घरों की तलाशी के दौरान अपराध से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। दोनों आरोपितों को 22 जुलाई को गिरफ्तार कर विशेष अदालत के सामने पेश किया गया, जिसने उन्हें 27 जुलाई तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया।
आईआरसीटीसी के अधिकारी ने 21 अप्रैल को 1,98,500 रुपये और आठ जून को दो लाख रुपये लिए। इस रकम को अराहा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के पेंडिंग बिल पास कराने में मदद करने के बदले उसके पंजाब नेशनल बैंक अकाउंट में कैश के तौर पर जमा किया गया था।
प्राइवेट कंपनी के निदेशक के एक सहयोगी ने नकदी जमा की थी। प्राइवेट कंपनी के आरोपित निदेशक के पास एक बैग मिला, जिसमें नकदी थी। आरोपितों के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक वाट्सएप चैट भी मिली हैं।
बरामद नकदी को सीबीआई ने अपने कब्जे में ले लिया और दोनों आरोपितों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए। अराहा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से जमा की गई संबंधित फाइलें और बिल भी जब्त कर लिए गए।
सीबीआई ने ईपीएफओ अधिकारी को किया गिरफ्तार
सीबीआइ ने पटियाला जिला कार्यालय में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के एक अधिकारी को 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद बुधवार को गिरफ्तार किया।
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि आरोपित को चंडीगढ़ की संबंधित अदालत में पेश किया गया। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि अधिकारी ने भारी असेसमेंट और जुर्माने की सिफारिश करने वाली प्रतिकूल रिपोर्ट सौंपने की धमकी देकर चार लाख रुपये रिश्वत मांगी थी।