बंगाल के चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश सिग्नल ऐप के जरिए रची गई थी…

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बड़ा राजफाश हुआ है।

पुलिस जांच में सामने आया कि एक महीने पहले से हत्या की साजिश रची गई थी।

‘सिग्नल’ नामक ऐप पर हत्यारों ने साजिश रची थी।

इसी ऐप पर वे बातचीत किया करते थे और एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे।पुलिस ने अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर एक और सरगना का पता लगाया है।

उसने ही तय किया था कि चंद्रनाथ की हत्या कब और कैसे होगी।

सुपारी किलरों को हत्या के लिए 70 लाख रुपये दिए गए थे। जांचकर्ताओं का कहना है कि सरगना का पता चलते ही हत्या का मकसद साफ हो जाएगा।

उसके गिरफ्तार होते ही पता चलेगा कि यह हत्या निजी दुश्मनी के कारण हुई या इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण था। उसकी तलाश में बंगाल के साथ विभिन्न राज्यों में छापेमारी चल रही है।

सीबीआई के अधिकारी गुरुवार को बारासात के 11 नंबर रेलगेट के पास पहुंचे। जिस जगह से चंद्रनाथ की हत्या में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल बरामद हुई थी।

अधिकारियों ने गुरुवार को उस जगह का निरीक्षण किया। जांच में पारदर्शिता और डिजिटल मैपिंग के लिए पूरे इलाके की वीडियोग्राफी कराई गई।

अधिकारियों ने बाइक ठीक किस स्थिति में पड़ी थी, इसकी बारीकी से जांच की। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के ठीक अगले दिन उन्होंने इस जगह मोटरसाइकिल पड़ी देखी थी। सीबीआइ यह पता लगाने में जुटी है कि बाइक वहां कैसे पहुंची।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *