ग्रेट निकोबार को बड़ी सौगात: 13,000 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक हवाई अड्डा, नौसेना भी करेगी उपयोग…

ग्रेट निकोबार आइलैंड प्रोजेक्ट को लेकर विपक्ष भले ही पर्यावरण सहित दूसरे मुद्दों को लेकर लगातार सवाल खड़ा कर रहा है लेकिन रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का दावा है कि यह प्रोजेक्ट सैन्य ही नहीं बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम है।

इसमें 13 हजार करोड़ की लागत से बन रहा ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल नागरिक विमानन सेवाओं के साथ नौसेना भी करेगी।

रणनीतिक लिहाज से अहम इस हवाई अड्डे का संचालन नौसेना के पास रहेगा। इसका निर्माण अगले पांच सालों में पूरा होगा।

हवाई अड्डे के अलावा पावर प्लांट भी बनाया जाएगा

रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का निर्माण का खर्च रक्षा मंत्रालय व नागरिक उड्डयन मंत्रालय संयुक्त रूप से उठाएंगे। इसके साथ ही प्रोजेक्ट के तहत एक अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और एक पावर प्लांट का भी निर्माण किया जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि इस ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के बनने से भारत की विदेशी बंदरगाहों पर से निर्भरता कम होगी। वहीं निकोबार का विकास सिंगापुर और हांगकांग की तर्ज पर करने का भी दावा दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से यह क्षेत्र व्यापारिक गतिविधियों का जहां एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा, वहीं रणनीति लिहाज से भी काफी अहम रहेगा।

प्रोजेक्ट के अमल में पर्यावरण मानकों व जनजातियों की अनदेखी के सवाल पर रक्षा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि प्रोजेक्टों में पर्यावरणीय मानकों और आदिवासी समुदायों के अधिकारों को पूरा ध्यान रखा गया है।

इसके लिए 2250 करोड़ रुपए का पर्यावरण संरक्षण एक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जो 30 सालों तक चलेगा। सूत्रों की मानें तो आइलैंड का करीब 82 प्रतिशत क्षेत्र पहले से ही राष्ट्रीय उद्यान, रिजर्व वन क्षेत्र व जनजातीय संरक्षण क्षेत्र के रूप में सुरक्षित रखा गया है। इस प्रोजेक्ट से पर्यटन को बढ़ावा सहित बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *