पड़ोसी देश अफगानिस्तान के दक्षिणी-पूर्वी इलाके में रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।
संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.3 मापी गई, जो शक्तिशाली श्रेणी में आता है।
रॉयटर्स के मुताबिक इसकी वजह से बड़े पैमाने पर तबाही हुई है और वहां 9 लोगों की मौत हो गई है। भूकंप इतना तीव्र था कि इसके झटके पूरे पाकिस्तान और दिल्ली-NCR तक महसूस किए गए।
झटके महसूस होते ही लोग अपने-अपने घरों से बाहर आ गए। NCR वासियों ने बताया कि देर रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इमारतें हिल गईं, और लोग बाहर भाग निकले।
अफगानिस्तान के नांगरहार जन स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने रॉयटर्स को बताया कि भूकंप के कारण आए तेज झटकों से मची तबाही में कम से कम नौ लोग मारे गए हैं और 15 अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
भूकंप का केंद्र कहां था?
USGS के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के जलालाबाद से 27 किसोमीटर पूर्व-उत्तर पूर्व में 8 किलोमीटर की गहराई में था।
भारतीय समयानुसार भूकंप के झटके रात 12.47 बजे महसूस किए गए। इसके करीब 20 मिनट बाद भूकंप का एक और झटका महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 4.5 मापी गई। इसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था।
हिमालय के नीचे टकरा रहीं दो प्लेटें
बता दें कि हाल के वर्षों में अफग़ानिस्तान और उसके पड़ोसी हिमालयी क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों में चिंताजनक बढ़ोत्तरी देखी गई है। यह ताजा झटका इस क्षेत्र के अंदर हो रहे भूवैज्ञानिक हलचल की एक और याद दिलाता है।
वैज्ञानिक इन लगातार झटकों को भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के धीमे लेकिन लगातार टकराव से जोड़ते रहे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, हिमालय के नीचे धरती के अंदर दो प्लेटें, जिसने लाखों वर्षों पहले हिमालय को आकार दिया है, वे आज भी इस भूभाग को अस्थिर कर रहे हैं।