अमेरिका: परेड के दौरान हुई गोलीबारी में 6 लोग घायल, आरोपी हिरासत में…

अमेरिका के लुइसियाना के एक छोटे से शहर में मर्डी ग्रा परेड के दौरान हुई गोलीबारी ने सबको हिला दिया है।

शनिवार को क्लिंटन शहर में ‘मर्डी ग्रा इन द कंट्री’ इवेंट के बीच अचानक गोलियां चलने से छह लोग घायल हो गए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है।

ये हादसा कोर्टहाउस के पास हुई है। वहां लोग परेड देख रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में माहौल दहशत में बदल गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है।

यह गोलीबारी परेड शुरू होने के तुरंत बाद हुई। स्थानीय शेरिफ जेफ ट्रेविस ने बताया कि परेड दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई थी और मेन रोड पर जाने से पहले ही यह हादसा हो गया।

गोलियां चलते ही लोग इधर-उधर भागने लगे और परेड तुरंत रोक दी गई। घायलों में एक 6 साल का बच्चा है। वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। एक अन्य वयस्क भी गंभार हालत में है, जबकि बाकी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

हादसे की पुलिस कर रही है जांच

पूर्व फेलिसियाना पैरिश शेरिफ ऑफिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शेरिफ के मुताबिक, तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है, हालांकि वे अभी मुख्य संदिग्ध नहीं माने जा रहे। पुलिस एक वाहन की तलाश कर रही है, जो इस घटना से जुड़ा हो सकता है। लुइसियाना स्टेट पुलिस ने जांच अपने हाथ में ले ली है और आसपास की सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया है।

कोई मौत नहीं हुई है, यह राहत की बात है, लेकिन घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। अधिकारी लगातार लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील कर रहे हैं ताकि जांच में कोई रुकावट न आए।

कहां बसता है क्लिंटन शहर?

क्लिंटन लुइसियाना का एक छोटा शहर है। इस शहर में सिर्फ करीब 1,300 लोग रहते हैं। यह बैटन रूज की महानगरीय क्षेत्र का हिस्सा है। यहां का ‘मर्डी ग्रा इन द कंट्री’ एक सालाना इवेंट है।

ये ग्रामीण इलाके में मर्डी ग्रा की खुशियां मनाने के लिए आयोजित किया जाता है। लोग परिवारों के साथ आते हैं, परेड देखते हैं और उत्सव का मजा लेते हैं, लेकिन इस बार यह खुशी दर्द में बदल गई।

अमेरिका में बढ़ती बंदूक हिंसा

यह घटना अमेरिका में इस साल की 24वीं मास शूटिंग है, जहां चार या इससे ज्यादा लोग घायल या मारे गए हैं। गन वायलेंस आर्काइव के अनुसार, देश में बंदूक हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

कई लोग कांग्रेस से सख्त बंदूक नियंत्रण कानून बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं, जो समाज के लिए गहरी चिंता का विषय बनी हुई हैं।

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