13 अक्टूबर को नेपाल की सेना का बचाव दल सोमवार को उन गांवों में पहुंचा जहां एक दिन पहले अचानक बाढ़ आ गई थी। उन्होंने राहत सामग्री पहुंचाई और निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इस इलाके से कम से कम 5 लोग लापता हैं।
बाढ़ से पहले लोगों को सुरक्षित स्थान पहुंचाया
हेलीकॉप्टर और सैनिकों ने उत्तर मध्य नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे बसे समुदायों तक भोजन और अन्य राहत सामग्री पहुंचाई। फिलहाल किसी की मौत की खबर नहीं है। सरकार ने कहा कि समय रहते चेतावनी मिलने के कारण बाढ़ आने से पहले ही ज्यादातर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था। गोरखा जिले के मुख्य सरकारी प्रशासक धर्मेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि सोमवार को 200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था।
मंगलवार को जारी रहेगा सिलसिला
मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को तेज हवा के कारण दोपहर में हेलीकॉप्टर की उड़ाने रोक दीं थीं, लेकिन मंगलवार को राहत सामग्री पहुंचाने का सिलसिला जारी रहेगा। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया था कि बचाए गए लोगों में 9 विदेशी लोग भी शामिल थे, जिन्हें पास के कस्बों में ले जाया गया।
भूस्खलन के कारण आई बाढ़
प्रभावित इलाके में ट्रेकिंग के लोकप्रिय रास्ते शामिल हैं और अक्टूबर पर्यटकों के लिए सबसे व्यस्त महीनों में से एक होता है। रविवार को आई बाढ़ भूस्खलन के कारण आई थी, जिसने चुमचुरे गांव के पास नदी का रास्ता रोक दिया था। बाढ़ के पानी ने पांच पुलों, तीन बिजली संयंत्रों के निर्माण स्थलों और दर्जनों घरों और खेतों को नुकसान पहुंचाया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इस तबाही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उफनती नदी खड़ी पहाड़ियों के बीच से बहते हुए घरों और शेडों को बहा ले जा रही थी। हालांकि ये साफ नहीं हुआ है कि कितने गांव प्रभावित हुए हैं।
अगस्त की तबाही से उबर रहा नेपाल
नेपाल अभी भी अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ से उबर रहा है, जिसमें 14 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग लापता हो गए थे। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के कार्यालय ने 5 अक्टूबर को खोज और बचाव अभियान खत्म करने की घोषणा की क्योंकि अब ध्यान बुनियादी ढांचे की मरम्मत पर केंद्रित हो गया है।