एशिया के दक्षिण-पूर्वी देश इंडोनेशिया को शनिवार सुबह भूकंप का तेज झटका लगा। रिक्टर स्केल पर 7.7 की तीव्रता वाले इस भूकंप की चपेट में आकर 47 लोग मारे गए और 20 से ज्यादा घायल हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा से कई भवनों के ढह जाने और सैकड़ों भवनों के क्षतिग्रस्त होने या उनमें दरारें आने की सूचना है।
प्रभावित इलाकों में भूकंप के हल्के झटके लगातार महसूस किए जा रहे हैं। तटीय इलाकों में समुद्र से एक मीटर ऊंची लहरें किनारों तक आ रही हैं, उनसे विशेष नुकसान नहीं हुआ है लेकिन सुनामी का खतरा अभी टला नहीं है। भूकंप का सबसे ज्यादा असर बंदरगाह शहर मौमेरे पर हुआ है। वहां पर 20 लोग मरे हैं, छह घायल हुए हैं और दो लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं।
इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख सुहारयांतो ने बताया है कि करीब दो हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त भवनों के मलबे में कई लोगों के दबे होने की सूचना है। भूस्खलन और सड़कों के टूट जाने से भूकंप से प्रभावित कई इलाकों में बचाव दल नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसे इलाकों में हेलीकाप्टरों से दलों को भेजने की कोशिश चल रही है।
भूकंप प्रभावित नागेकेओ में बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहां से दो हजार लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। प्रभावित इलाकों में भूकंप के झटके अभी भी महसूस किए जा रहे हैं। इसके चलते बचाव कार्य बाधित हो रहा है। क्षतिग्रस्त भवनों के बीच जाने से लोग परहेज कर रहे हैं।
प्रभावित इलाकों के अस्पताल घायलों से भर गए हैं, पीड़ितों को नजदीकी इलाकों के अस्पतालों में स्थानांतरित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 1992 में इसी इलाके में 7.5 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। उस समय इलाके में भारी नुकसान हुआ था।