अमेरिका में 11 सितंबर 2001 के हमलों जख्म अभी भी ताजा हैं। वहीं इन हमलों को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं। रॉयटर/इप्सोस के एक नए सर्वेक्षण में बात सामने आई है कि इन हमलों के 25 साल बाद अमेरिकी अब विदेशी आतंकवादी संगठनों से ज्यादा घरेलू उग्रवादियों के हमलों से डरते हैं।
सर्वेक्षण में जब लोगों से पूछा गया कि आम अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा क्या है, तो 33 प्रतिशत ने घरेलू आतंकवाद बताया। 20 प्रतिशत ने विदेशी आतंकवाद को और 42 प्रतिशत ने सामूहिक गोलीबारी जैसी अचानक हिंसा (भीड़ में चाकूबाजी, गोलीबारी) को सबसे बड़ा खतरा माना।
दस साल पहले 2013 में स्थिति अलग थी। तब 21 प्रतिशत ने घरेलू आतंकवाद, 28 प्रतिशत ने विदेशी आतंकवाद और 51 प्रतिशत ने अचानक हिंसा को सबसे बड़ा खतरा बताया था।
विचारधारा से प्रेरित हमलों के मामले में 61 प्रतिशत ने घरेलू उग्रवादियों को और 34 प्रतिशत ने विदेशी समूहों को बड़ा खतरा बताया।
सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 60 प्रतिशत अमेरिकी समय-समय पर 9/11 के हमलों को याद करते हैं और लगभग उतने ही लोग किसी बड़े आतंकी हमले की स्थिति में सैन्य जवाबी कार्रवाई का समर्थन करेंगे।
अधिकांश अमेरिकी हवाई अड्डों पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था को सही मानते हैं, लेकिन घरेलू निगरानी (बिना वारंट के इलेक्ट्रॉनिक संचार की निगरानी) का विरोध करते हैं। 65 प्रतिशत लोगों ने बिना वारंट के अमेरिकी नागरिकों की निगरानी का विरोध किया।
अफगानिस्तान और इराक युद्धों को ज्यादातर लोग फायदेमंद नहीं मानते। हाल ही में ईरान के साथ संघर्ष को भी केवल 25 प्रतिशत ने सार्थक बताया, जबकि 54 प्रतिशत ने इसे बेकार बताया।