30 सेकंड में जा सकती थीं 174 जानें… भारतीय पायलट स्मित मछार ने कैसे टाला विमान हादसा? Inside Story…

दुनियाभर में भारतीय पायलट स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ हो रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी स्मित मछार की हिम्मत की सराहना कर रहे हैं।

स्मित मछार वो पायलट हैं, जिन्होंने एक ऐसा हादसा होने से बचा लिया, जिसमें 174 यात्रियों की जिंदगी दांव पर लगी थी। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 की घटना हैरान करने वाली है, लेकिन स्मित मछार की सूझबूझ ने कई लोगों की जान बचा ली।

स्मित मछार ने कैसे क्रैश होने से रोका प्लेन?

भारतीय पायलट स्मित मछार और ओमान का को-पायलट दोनों ही फ्लाईदुबई की कमान हाथ में लिए थे। फ्लाइट के टेक-ऑफ करने के बाद जमीन से 33,000 फीट की ऊंचाई पर ओमान के को-पायलट ने प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की।

ओमान का पायलट प्लेन को क्रैश करने की कोशिश कर रहा था। उसने भारतीय पायलट पर कई बार चाकू से हमला किया, जिससे स्मित मछार बुरी तरह घायल हो गए और खून से लथपथ हो गए।

फ्लाईदुबई की फ्लाइट जो जमीन से 33,000 फीट की ऊंचाई पर लड़ रही थी, वह 30 सेकंड के अंदर ही 17,000 फीट नीचे आ गई। स्मित मछार ने बुरी तरह घायल होने के बावजूद प्लेन का कंट्रोल ओमान के पायलट के हाथ में नहीं जाने दिया और कॉकपिट के अंदर उसे प्लेन क्रैश करने से रोकते रहे।

स्क्वॉक कोड की वजह से फैली हाईजैक की बात

इस घटना की जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोल तक देने के लिए भारतीय पायलट ने पहले 7700 कोड भेजा और फिर इसके बाद 7500 कोड भेजा। ये कोड प्लेन में इमरजेंसी के दौरान भेजे जाते हैं।

पायलट ट्रांसपोंडर में स्क्वॉक 7700 कोड डालकर ग्राउंड कंट्रोल को बताता है कि हवाई जहाज किसी गंभीर समस्या का सामना कर रहा है और उसे मदद की जरूरत है। वहीं स्क्वॉक 7500 कोड ATC को यह बताता है कि विमान हाईजैक होने के कारण मुश्किल में है।

ऐसे कोड मिलने की वजह से शुरुआत में जानकारी सामने आई कि दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट को हाईजैक कर लिया है। वहीं बाद में फ्लाइट की सेफ लैंडिंग और यात्रियों के बात से पता चल पाया कि फ्लाइट के अंदर की लड़ाई खूनी जंग में बदल गई थी। 

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना के बारे में बात करते हुए कहा, ‘मैंने इजरायल के एक यात्री से बात की। उसने मुझे बताया कि प्लेन स्पिन करने लगा था और नीचे की ओर गोता लगाने लगा।’

यात्री ने नेतन्याहू को बताया, ‘किसी तरह वह क्रू के एक सदस्य के साथ कॉकपिट में घुसने में कामयाब रहा और उन्होंने मिलकर ओमान के पायलट को काबू में किया जो चाकू से हमला कर रहा था और प्लेन के सिस्टम को खराब करने की कोशिश कर रहा था।’

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