देशभर में बनेंगे 100 औद्योगिक पार्क, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी…

मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए देश के 100 स्थानों पर औद्योगिक पार्क लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई।

वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को बताया कि इस साल केंद्रीय बजट में घोषित भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के तहत पहले चरण में 50 पार्क की स्थापना की जाएगी।

अगले चार महीनों में राज्यों से पार्क लगाने के लिए आवेदन देने को कहा गया है। पहले दो महीनों में 20 और और बाद के दो महीनों में 30 आवेदन मंगाए जाएंगे।

उम्मीद है कि अगले तीन साल में ये पार्क संचालन में आ जाएंगे। भव्य के तहत अगले छह साल में कुल 100 औद्योगिक पार्क की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्र सरकार करेगी मदद

इस काम में केंद्र सरकार राज्यों को 33,660 करोड़ रुपए की मदद देगी। इस योजना के अमल को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। नेशनल इंडस्ट्रियल कोरिडोर डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनआईसीडीसी) भव्य योजना की नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी।

गोयल ने बताया कि राज्यों को पार्क के लिए 100-1000 एकड़ जमीन देनी होगी और उस एवज में केंद्र सरकार प्रति एकड़ एक करोड़ रुपए की राशि मुहैया कराएगा।

इस राशि से पार्क में विभिन्न प्रकार की सुविधाओं का विकास किया जाएगा। पहाड़ी या छोटे राज्यों के लिए पार्क के लिए न्यूनतम 25 एकड़ जमीन की जरूरत होगी।

आवेदन मंगाने का उद्देश्य यह है कि राज्यों के बीच औद्योगिक पार्क की स्थापना को लेकर प्रतिस्पर्धा हो सके।जो राज्य पार्क में जितनी अधिक सुविधा देने की पेशकश करेगा, उनके यहां पार्क आवंटन की उतनी ही अधिक संभावना होगी।

मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल जैसे राज्य पहले चरण में औद्योगिक पार्क लगाने के लिए काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

सरकार चाहती है कि देश के सभी राज्यों में औद्योगिक पार्क लगे ताकि मैन्यूफैक्चरिंग का फैलाव समान रूप से हो।भव्य के तहत स्थापित होने वाले औद्योगिक पार्क में प्लग एंड प्ले सुविधा होगी।

मतलब उद्यमियों को सिर्फ यहां आकर उत्पादन शुरू करना होगा। सभी प्रकार के इंफ्रास्ट्रक्चर उन्हें विकसित अवस्था में मिलेंगे।

गोयल ने क्या कहा?

यूनिट स्थापना के लिए पार्क में ही केंद्र व राज्य दोनों सरकार से विभिन्न प्रकार की मंजूरी के लिए सिंग्ल विंडों का इंतजाम होगा। गोयल ने बताया कि राज्य चाहे तो किसी निजी कंपनी के साथ मिलकर भी पार्क के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार प्रति एकड़ 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी।

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