UPPCL: बिजली बिल पर 10% सरचार्ज लगेगा या मिलेगी राहत? आज भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के लिए अहम अपडेट…

UPPCL | उत्तर प्रदेश के 3.73 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को इस महीने 10% अतिरिक्त बिजली बिल देने से राहत मिल गई है। पावर कॉर्पोरेशन द्वारा फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार शुल्क) के नाम पर जून में 1610 करोड़ रुपये वसूलने के आदेश पर विद्युत नियामक आयोग ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

आयोग ने इस आदेश को नियमों के खिलाफ मानते हुए कॉर्पोरेशन प्रबंधन से 7 दिन के भीतर जवाब मांगा है। हालांकि, इस वसूली पर अभी आधिकारिक रोक नहीं लगी है।

बता दें कि आयोग ने सात दिन में जवाब मांगा है। आज जो भी उपभोक्ता बिजली बिल जमा कर रहे हैं, उनसे 10% सरचार्ज लिया जा रहा है। कॉर्पोरेशन द्वारा जवाब दाखिल करने के बाद अगर सरचार्ज पर रोक लगती है तो अगले बिल में आज दिए गए सरचार्ज को समायोजित किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

पावर कॉरपोरेशन ने 29 मई को एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत मार्च महीने के फ्यूल सरचार्ज की भरपाई के लिए जून के बिल में सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं से 10% अतिरिक्त राशि वसूली जानी थी।

विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस भारी-भरकम वसूली का विरोध करते हुए आयोग में याचिका दायर की थी। परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का आरोप है कि आयोग ने बिजली खरीद की दर 4.94 रुपये प्रति यूनिट तय की है, जबकि कारपोरेशन इसे 5.86 रुपये प्रति यूनिट दिखाकर उपभोक्ताओं पर बोझ डाल रहा है।

कॉर्पोरेशन ने मार्च की लागत में लगभग 1400 करोड़ रुपये के पुराने बकाये और पुरानी देनदारियों को भी जोड़ दिया है, जो कानूनन गलत है। सही गणना की जाए तो जून में बिल 2% कम होना चाहिए।

नियामक आयोग का रुख

आयोग ने प्रथम दृष्टया माना है कि कॉर्पोरेशन का यह आदेश नियामकीय प्रावधानों और उपभोक्ता संरक्षण के सिद्धांतों के विपरीत है। पुराने बकाये और एनटीपीसी के भुगतानों को इस गणना में शामिल करने से उपभोक्ताओं पर सीधा वित्तीय बोझ पड़ता है।

आयोग ने कॉर्पोरेशन से बिजली खरीद लागत, ट्रांसमिशन शुल्क और पिछली देनदारियों को शामिल करने का कानूनी आधार मांगते हुए विस्तृत ब्यौरा तलब किया है। उपभोक्ता परिषद का मानना है कि इस कड़े रुख के बाद कॉर्पोरेशन को अपना आदेश वापस लेना होगा। गौरतलब है कि फरवरी में भी 10% फ्यूल सरचार्ज वसूलने का एक मामला अभी लंबित है।

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