भारतीय कारोबारी गौतम अडानी (Gautam Adani) दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।
सबसे पहले वे एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने। उसके बाद उनकी कुल संपत्ति वॉरेन बुफेट और बिल गेट्स से आगे निकल गए।
अब वे जेफ बेजोस और एलोन मस्क के स्तर की ओर बढ़ रहे हैं जो धन संपदा के मामले में उनसे आगे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार,अडानी की यह ‘छलांग’ किसी उपलब्धि से कम नहीं है।
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, करीब एक साल के अंतराल में उनकी कुल संपत्ति दोगुनी होकर $64।8 बिलियन डॉलर से बढ़कर $141।4 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। वे अब दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हो गए हैं।
गौतम की अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अडानी टोटल गैस लिमिटेड आश्चर्यजनक रूप से 750 गुना से अधिक के लाभ पर कारोबार कर रहे हैं जबकि अडानी इंटरप्राइजेस लिमिटेड और अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड का मूल्यांकन 450 गुने में हैं।
तुलनात्मक रूप से मस्क के टेस्ट इंक का प्राइस टु अर्निंग रेशो (price-to-earnings ratio) करीब 100 गुना है जबकि अडानी के ही देश भारत के अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 28 गुना पर कारोबार करती है।
60 साल के अडानी ने अपने ग्रुप का ध्यान उस दिशा में ‘शिफ्ट’ किया है जिसे पीएम नरेंद्र मोदी, भारत के दीर्घकालीन आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानते हैं। अडानी समूह के एक प्रतिनिधि ने इस बारे में कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया।
कॉलेज ड्रापआउट अडानी, जिन्हें एक समय फिरौती के लिए बंधक बनाकर रखा गया था और जो एक आतंकी हमले में बाल-बाल बचे थे, ने कोयला और बंदरगाह की ओर शिफ्ट करने से पहले, वर्ष 1980 की शुरुआत में मुंबई की डायमंड इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमाई।
उन्होंने एयरपोर्टों से लेकर डेटा सेंटर, मीडिया और सीमेंट तक हर चीज में व्यापारिक साम्राज्य का निर्माण किया।
पिछले साल, दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीण ऊर्जा उत्पादक बनने के लिए उन्होंने ग्रीन एनर्जी में 70 बिलियन डॉलर के निवेश का संकल्प जताया था।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने पिछले माह, गौतम अडानी को सीआरपीएफ कमांडो के घेरे वाली ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है।