लंदन के एक भारतीय रेस्तरां में आगजनी करने के आरोप में 17 साल के दो किशोर लड़कों को 10 साल की सजा सुनाई गई है। ये सजा UK में सुनाई गई है। इस हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
लोगों से भरे रेस्तरां में लगाई आग
22 अगस्त 2025 को दोनों आरोपी अपने एक और साथी के साथ इंडियन अरोमा रेस्तरां में घुस गए। तीनों ने नाकाब पहन रखा था। रेस्तरां में घुसने के बाद उन्होंने वहां मौजूद सभी लोगों को हथियार के बल पर धमकाया और सीटों पर बैठने को कहा।
इसके बाद तीनों आरोपी ने फर्नीचर, फर्श, मेज और कुर्सियों पर पेट्रोल डाल दिया और खुद रेस्तरां से बाहर निकलकर दरवाजे को लगभग बंद कर दिया, तभी उनमें से एक ने आग जलाई और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरें रेस्तरां को अपने आगोश में ले लिया।
जलने के 45 दिन बाद आया होश
कोर्ट ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना में 20 साल की एक युवती बुरी तरह से झुलस गई थी। उसके कपड़े उसके शरीर से पिघलकर चिपक गए थे और उसका लगभग 50 प्रतिशत शरीर आग में झुलस गया था जिस कारण उसे मेडिकली इंड्यूस्ड कोमा में रखना पड़ा।
हादसे में उसका पति भी बुरी तरह झुलस गया। उसने कोर्ट को बताया कि जलने के करीब 45 दिन बाद उसे होश आया था।
आरोपियों के नाम नहीं किए गए उजागर
शुक्रवार को इस मामले में सजा सुनाते हुए जज माइकल ग्रीव KC ने कहा कि यह हमला एक सोची समझी साजिश थी। जज ने कहा, ‘आप दोनों को इसके नतीजों की लगभग जानकारी थी यानी अनजान लोगों को गंभीर नुकसान पहुंचाना, जिसमें मौत भी शामिल हो सकती है।
मुझे कोई शक नहीं है कि आप किसी बड़े अपराधी के कहने पर यह काम कर रहे थे, जिसकी पहचान नहीं हो पाई थी। लेकिन आपने बहुत ही बेरहमी से ये काम किया है।’ हालांकि इस पूरी घटना के पीछे कौन था और उसका क्या मकसद था ये अभी तक साफ नहीं हो पाया है।