रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट में 8 सितंबर को एक मरीज को चादर में लपेट कर उठाकर एंबुलेंस में ले जाते हुए एक तस्वीर वायरल हुई थी।
इसको लेकर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट प्रबंधन पर सवाल उठाए गए थे। सवाल यह उठा था कि एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से महिला मरीज को स्ट्रेचर की व्यवस्था क्यों नहीं दी गई।
इसके जवाब में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट प्रबंधन ने एक विज्ञप्ति जारी कर अपनी ओर से सफाई दी है। विज्ञप्ति में प्रबंधन की ओर से पूरे मामले में खेद व्यक्त किया गया है।
प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी में यह बताया गया कि 8 सितंबर को एक बीमार महिला यात्री को एयर एशिया की फ्लाइट से रांची लाया गया था। उनके साथ महिला के पति और पुत्र दोनों थे।
इस महिला यात्री को दिल्ली में व्हीलचेयर की सुविधा दी गई थी। साथ ही यह भी बताया गया था कि उन्हें कोई अन्य समस्या नहीं है।
रांची में भी आगमन होने पर एयर एशिया के अधिकारियों की ओर से महिला को व्हील चेयर की सुविधा दी गई थी। लेकिन बार-बार उन्हें बेहोशी आ रही थी।
जिसके बाद महिला के पुत्र ने उन्हें व्हील चेयर से नीचे उतारा। इस दौरान एयरपोर्ट के आगमन कक्ष में मौजूद डॉक्टर को भी सूचना दे दी गई।
इस दौरान महिला के पुत्र ने पल्स अस्पताल के एंबुलेंस को पहले से ही बुला रखा था। महिला के पुत्र ने अपनी मां को बैग से चादर निकालकर उसमें लपेटा और एंबुलेंस की ओर ले जाने लगा। उन्होंने डॉक्टर की भी प्रतीक्षा नहीं की।
हालांकि उस समय एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से स्ट्रेचर की व्यवस्था उपलब्ध कराने की बात कही गयी। लेकिन उन्होंने नहीं माना और सीधे एंबुलेंस की ओर बढ़ गए। और महिला मरीज को एंबुलेंस में शिफ्ट कर दिया।
हालांकि इस दौरान डॉक्टर भी पहुंच चुके थे और एयरपोर्ट कर्मचारियों की मौजूदगी में ही महिला यात्री को एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया।
जारी विज्ञप्ति में एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से कहा गया कि वह सभी यात्रियों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से बकायदा इसको लेकर कुछ तस्वीरें भी जारी की गई।