बांग्लादेश ने हाल ही में बने सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए के सैन्य गठजोड़ में शामिल होने का विकल्प खुला रखा है।
बांग्लादेश के दो मंत्रियों ने गठजोड़ में शामिल होने पर विचार की बात कही लेकिन यह भी कहा कि इस सिलसिले में देश के राष्ट्रीय हितों को देखकर कोई फैसला किया जाएगा।
गत सात अगस्त को मक्का में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए के नेताओं ने सैन्य गठजोड़ बनाने का एलान किया है। इस गठजोड़ ने घोषणा की है कि यदि तीनों में से किसी देश पर हमला होता है तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और उसका मिलकर जवाब दिया जाएगा।
चूंकि पाकिस्तान भारत से स्थापना काल से ही बैर भाव रखता है और सिंधु जल समझौते के निलंबन पर उसके प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रखी है, इसलिए निकट भविष्य में भारत-पाकिस्तान के सैन्य टकराव की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
जबकि बीते करीब दस वर्षों से तुर्किए के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन इस्लामिक जगत का नेतृत्व करने का सपना पाल रहे हैं, इसलिए वह इस्लामिक देशों में इकलौते परमाणु बम वाले देश पाकिस्तान को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं। इसलिए जम्मू-कश्मीर मुद्दे सहित भारत की मुखालफत वाले हर मसले पर वह पाकिस्तान के साथ खड़े दिखाई देते हैं।
आपरेशन सिंदूर के दौरान भी कराची बंदरगाह पर तुर्किये के नौसैनिक युद्धपोत की मौजूदगी काफी चर्चा में रही थी। इस लिहाज से भारत के साथ गहराते मतभेदों के बीच अगर बांग्लादेश मक्का सैन्य गठजोड़ का सदस्य बनने की ओर कदम बढ़ाता है तो वह भारत के लिए चिंता का विषय होगा।
इस सिलसिले में बांग्लादेश के नवनियुक्त विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर का बयान गौर करने योग्य है। उन्होंने कहा, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के साथ आर्थिक या सैन्य गठजोड़ में शामिल होने को लेकर बांग्लादेश सकारात्मक सोच रखता है। लेकिन इस विषय में अंतिम फैसला वह अपने हितों और वैश्विक आर्थिक-व्यापार परिदृश्य को देखते हुए करेगा।
सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के साथ साक्षात्कार में कबीर ने कहा, सरकार की नीति बांग्लादेश फर्स्ट की है और वह अपने राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि मानते हुए संतुलित विदेश नीति की पक्षधर है। इसी को ध्यान में रखकर भविष्य का कोई फैसला किया जाएगा।
वैसे बांग्लादेश पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत कर रहा है। बांग्लादेश की दूसरी विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने भी मक्का गठजोड़ में शामिल होने को लेकर कहा कि किसी भी निर्णय में बांग्लादेश और देश के लोगों के हित सर्वोपरि रखे जाएंगे। उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब के युवराज मुहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान आने वाले महीनों में रियाद की यात्रा करने वाले हैं।