भिलाई इस्पात सयंत्र की बेजा कब्जा को लेकर कार्रवाई लगातार जारी है।
बीएसपी के नगर सेवा विभाग ने 100 से अधिक बेजा कब्जा धारकों को मकान खाली करने का नोटिस दिया है।
वार्ड पार्षद रीता सिंह गेरा और विधायक देवेंद्र यादव ने इसको लेकर लभी लोगों के साथ बैठक की। इधर बीएसपी के अधिकारियों का कहना है कि बेजाकब्जा मकान खाली होकर रहेगा।
खुर्सीपार क्षेत्र में रह रहे 100 बेजा कब्जा धारकों को बीएसपी प्रबंधन ने मकान खाली करने के लिए शुक्रवार को नोटिस जारी किया था।
इसके बाद लोगों में हड़कंप मच गया। वह लोग सीधे वार्ड पार्षद रीता सिंह गेरा के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि 20-30 सालों से रहने के बाद उनका मकान खाली कराया जा रहा है।
उन्हें नोटिस दी गई है कि, यदि तीन दिन में मकान नहीं खाली किया तो बीएसपी अमला खुद उन्हें हटाने की कार्रवाई करेगा।
रीता सिंह गेरा ने सभी लोगों के साथ बैठक की थी, और आश्वास्त किया था कि उनके साथ कांग्रेस सरकार के लोग खड़े हैं।
इसके बाद शनिवार को भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव खुद प्रभावितों से मुलाकात करने पहुंचे।
उन्होंने बैठक लेकर आश्वासन दिया कि प्रभावितों के साथ हैं। उनकी हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। वर्षों से रहने वाले लोगों को हटाना गलत है।
बीएसपी ने कहा 100 नहीं 690 घरों को कराएंगे खाली
विधायक देवेंद्र यादव और पार्षद रीता सिंह गेरा के विरोध की बात पर बीएसपी के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि बीएसपी की संपत्ति पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।
वहां 100 नहीं 690 मकान बेजा कब्जा करके नेता और अन्य लोग सालों से रह रहे हैं। बीएसपी के कर्मचारियों के पास मकान नहीं है।
इसलिए उन मकानों को खाली कराया जाएगा। चाहे कोई भी आ जाए कमान खाली कराने की कार्रवाई नहीं रुकेगी।
यह पहली बार नहीं है जब बिधायक देवेंद्र यादव और बीएसपी के अधिकारी आमने सामने हुए हैं। इससे पहले भी सिविक सेंटर क्षेत्र में चौपाटी तोड़ने को लेकर काफी विवाद बढ़ा था।
विधायक देवेंद्र यादव ने चौपाटी को फिर से बसाने की बात कही थी, लेकिन बीएसपी के अधिकारियों ने दोबारा बेजा कब्जा नहीं होने दिया।
बीएसपी अधिकारी का कहना है कि खुर्सीपार क्षेत्र से बेजा कब्जा खाली करने के लिए उन्होंने तैयारी पूरी कर ली है। जल्द इसमें कार्रवाई की जाएगी।