रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से दी गई धमकी पर अमेरिका ने पलटवार किया है।
अमेरिका ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन अपने ऊर्जा के संसाधनों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
इससे एक दिन पहले पुतिन ने धमकी दी थी कि अमेरिका तेल के दामों की सीमा निर्धारित करने के अपने कदम को अगर आगे बढ़ाता है तो वह पश्चिमी देशों को हर तरह का ऊर्जा निर्यात बंद कर देंगे।
पुतिन ने बुधवार को धमकी दी कि अगर वह (अमेरिका) रूसी निर्यात की कीमतों को सीमित करने की कोशिश करता है तो रूस पश्चिम को ऊर्जा आपूर्ति में पूरी तरह से कटौती करेगा।
उन्होंने यह भी कहा था कि यूक्रेन में अपने लक्ष्यों को हासिल करने तक रूस वहां सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरन ज्यां पियरे ने बुधवार को कहा, ‘यह दर्शाता है कि पुतिन अपने शब्दों व कृत्यों से ऊर्जा को फिर से हथियार बना रहे हैं।’
पहले ही लगा लिया था अनुमान
बयान में आगे कहा गया, राष्ट्रपति (जो बाइडेन) और हमारे यूरोपीय साझेदारों ने पहले ही इस रणनीति का पूर्वानुमान लगा लिया था।
हमने इसे भांप लिया था और हम महीनों से इसकी तैयारी कर रहे थे। हमने विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से बात की है कि यह मूल्य सीमा कैसी हो सकती है।
तेल से रूस की आय को सीमित करने का वादा
पिछले हफ्ते जी-7 के वित्त मंत्रियों ने तेल बिक्री से रूस की आय को सीमित करने के लिए एक प्रणाली तैयार करने का वादा किया था।
तेल की बिक्री से होने वाली आय का उपयोग यूक्रेन की रूस के खिलाफ युद्ध में मदद के लिए किया जा सकता है।
दुनिया के सात सबसे अधिक औद्योगीकृत देशों के इस कदम का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि पर यूक्रेन युद्ध के प्रभाव को सीमित करना है।