पार्टी अध्यक्ष का चुनाव कांग्रेस का इंटरनल मामला, असली लड़ाई भाजपा के खिलाफ : खरगे…

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कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को पार्टी का आंतरिक मामला बताते हुये पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी की वास्तविक लड़ाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के साथ है, जो देश में राजनीतिक, लोकतांत्रिक और सामाजिक माहौल को ”खराब” कर रहे हैं।

खरगे ने कहा कि विपक्षी दलों में लोकतंत्र पर सवाल उठाने का भारतीय जनता पार्टी के पास कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने पूछा कि क्या कोई जानता है कि भाजपा में अध्यक्ष पद का चुनाव कैसे होता है। 

कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे खरगे ने कहा, ”पिछले सात दशक में कांग्रेस ने जिन लोकतांत्रिक संस्थाओं का निर्माण किया था, उसे कमजोर किया गया है और असहमति की आवाज को दबाया जा रहा है … हमारी असली लड़ाई भाजपा और संघ के खिलाफ है, जो देश के राजनीतिक, लोकतांत्रिक और सामाजिक वातावरण को खराब कर रहे हैं।”

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुये खरगे ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी है, जो देश के संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने के लिए सबसे आगे है। 

उन्होंने कहा, ”पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर डॉ मनमोहन सिंह तक की कांग्रेस सरकारों ने जिन संपत्तियों को बनाया नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार उन्हें बेच रही है। देश में संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे आना होगा, जागना होगा तथा सबको साथ लेकर चलना होगा।”

अध्यक्ष पद के लिए जारी चुनाव को कांग्रेस का आंतरिक मामला बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चार बार चुनाव हुए थे, जिसमें आखिरी बार सोनिया गांधी और जितेंद्र प्रसाद के बीच मुकाबला हुआ था। 

उन्होंने कहा, ”कोई नहीं जानता है कि कब और कैसे भाजपा में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होते हैं। तो ऐसे में उस पार्टी को दूसरे दलों के बारे में सवाल उठाने का क्या अधिकार है, खासकर कांग्रेस के बारे में जो देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है।”

राज्यसभा सदस्य नासिर हुसैन और कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता प्रोफेसर गौरव वल्लभ के साथ मौजूद खरगे ने प्रतिनिधियों से अपने लिए समर्थन मांगा और कहा कि पार्टी के साथ उनका जुड़़ाव लंबे समय से है और इसके बाद वह यहां तक पहुंचे हैं।

पार्टी नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसने एक नई उम्मीद पैदा की है, भावना को पुनर्जीवित किया है और देशवासियों के बीच ‘सांप्रदायिक और विभाजनकारी’ ताकतों और ‘नफरत की राजनीति’ के खिलाफ लड़ने के लिए नई ताकत का संचार किया है। 

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