पाकिस्तान का प्रधानमंत्री आवास भी सुरक्षित नहीं है।
यहां से हाल ही में एक जासूसी डिवाइस के जरिए प्राइवेट बातचीत लीक होने का मामला सामने आया है।
पाकिस्तान के पीएम आवास से अनौपचारिक बातचीत के लीक होने की जांच के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया था।
इस समिति ने पूरे परिसर की तलाशी ली और डिबगिंग की है। पाकिस्तान के मंत्री ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान इसकी पुष्टि की। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम आवास से जासूसी डिवाइस बरामद की गई।
शीर्ष समिति ने शुक्रवार को पीएम आवास के पूरे परिसर की तलाशी और जासूसी उपकरण हटाने का काम पूरा कर लिया है।
सोशल मीडिया पर पिछले सप्ताह डाली गई, इस तरह की प्रथम लीक क्लिप में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और प्रधान सचिव तौकीर शाह के बीच हुई बातचीत का अंश है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान के पीटीआई नेताओं के साथ बातचीत का एक और ऑडियो शुक्रवार को लीक हो गया।
हाल में लीक हुए ऑडियो में, असद उमर, शाह महमूद कुरैशी और आजम खान सहित पीटीआई के तीन नेताओं को पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान के साथ अमेरिकी साइफर (गूढ़लेख) के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है।
बुधवार को एक ऑडियो क्लिप लीक हुआ जिसमें खान अपनी सरकार को गिराने की कथित साजिश के बारे में बात कर रहे थे।
समाचार पत्र ‘डॉन’ की खबर के अनुसार, ‘‘इमारत का गहन निरीक्षण किया गया और टीम प्रधानमंत्री आवास और कार्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के मोबाइल फोन डाटा और लैपटॉप की भी जांच कर रही है।’’
पाकिस्तान सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह प्रधानमंत्री आवास की सुरक्षा के लिए कुछ मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को बदलने सहित आवश्यक कदम उठा रही है, जिसके तहत किसी भी कर्मचारी और अधिकारी को परिसर के अंदर अपना मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है।
खबर के अनुसार, फोन प्रवेश द्वार पर एकत्र किए जाते हैं और कार्यालय समय के बाद वापस कर दिए जाते हैं। इस बीच, एक महानिदेशक की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास में एक साइबर सुरक्षा विभाग का गठन किया जा रहा है।