दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी थाने में एक सब-इंस्पेक्टर और एसएचओ के बीच विवाद हो गया।
विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच हाथापाई तक की नौबत तक आ गई और एसआई ने इंस्पेक्टर की पिटाई कर दी।
इस झगड़े में दोनों पुलिसकर्मियों को चोट आई है। पुलिस कंट्रोल रूम और पुलिस अधिकारियों को इस मामले की सूचना दी गई। सूचना के बाद दक्षिण-पूर्वी जिले के सभी आलाअधिकारी थाने पहुंच गए।
सूत्रों की मानें तो पूरे मामले में प्राथमिक जांच के बाद एसआई को सस्पेंड करने के बाद उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
दोनों पुलिसकर्मियों के बीच हुए झगड़े की जांच स्पेशल सीपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
डीसीपी ईशा पांडेय ने गोविंदपुरी थाने में तैनात 2010 बैच के एसआई महेश और एसएचओ जगदीश यादव के बीच हुई हाथापाई की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया है कि 6 सितंबर की सुबह गोविंदपुरी थाने में दोनों पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई हुई थी। दोनों का मेडिकल कराया गया है। फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है।
हस्ताक्षर न करने पर हुआ विवाद
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसआई चाहते थे कि एसएचओ कोर्ट से संबंधित एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दें, लेकिन एसएचओ ने उस दस्तावेज की जांच के बाद उसमें कुछ सुधार के लिए कहा था।
इस पर एसआई ने कहा कि वह पहले ही स्टैंडिंग काउंसिल से इसकी जांच करा चुके हैं। ऐसे में एसएचओ हस्ताक्षर कर दें और समय बर्बाद न करें। इस पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
यह बहस हाथापाई में बदल गई और हाथापाई के दौरान एसएचओ के हाथ और मुंह पर गंभीर चोट आई है।
थाने के अंदर हुआ यह पूरा घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया। मामले की सूचना कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों को एम्स में इलाज के लिए भेजा गया।
दोनों का मेडिकल कराने के बाद जिला पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच के बाद एसआई को सस्पेंड कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि पूरे मामले की जांच स्पेशल सीपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
एसएचओ पर लगे हैं गंभीर आरोप
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गोविंदपुरी थाने के एसएचओ पर गंभीर आरोप लगे हैं। गत दिनों उनके खिलाफ विजिलेंस ऑफिस में शिकायत की गई थी।
शिकायत में बताया गया था कि गोविंदपुरी इलाके में 7 हुक्का बार, 9 गेस्ट हाउस और 3 सट्टा केन्द्र गैर कानूनी रूप से चल रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो पुलिस कमिश्नर और बाराखम्बा विजिलेंस को शिकायत मिलने के बाद एसएचओ के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
ऐसे में एसएचओ को शक था कि एसआई ने ही उनके खिलाफ शिकायत करवाई है, जिसके चलते एसएचओ और एसआई के बीच झगड़ा हुआ है।