जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) कार्यालय से एक चिट्ठी बिहार (Bihar) के सभी जिला अध्यक्षों, नगर अध्यक्ष और जिला प्रभारियों को भेजी गयी है।
इसमें पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन आर्या की तरफ से यह निर्देश दिया गया है कि जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) का किसी भी जिले में कार्यक्रम हो तो उस जिले के तमाम इकाई सक्रिय होकर इसमें शामिल हों।
इस लेटर के बाद सवाल उठने लगा है कि आखिर इसकी जरूरत क्यों पड़ गई। दरअसल उपेन्द्र कुशवाहा राज्य के कई जिलों का दौरा करने वाले हैं।
इससे ठीक पहले पार्टी के द्वारा यह लेटर जारी किया गया है। सवाल इसी पत्र को लेकर उठ रहे हैं कि क्या उपेन्द्र कुशवाहा के दौरे पर जेडीयू (JDU) के नेता और कार्यकर्ता शामिल नहीं होते हैं या फिर उनके दौरे से कन्नी काट जाते हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन आर्या, जिनके हस्ताक्षर से यह लेटर निकाला गया है, उन्होंने कहा कि ऐसी कोई ख़ास बात नहीं है जिसकी वजह से यह पत्र जारी किया गया है।
उपेन्द्र कुशवाहा बिहार की यात्रा पर निकलने वाले हैं। उनकी यात्रा सफल हो इसलिए यह आदेश निकाला गया है ताकि जिस भी जिले में वो जाएं, उनके समर्थन में पूरी पार्टी खड़ी रहे। पार्टी को इसका फायदा मिल सके।
चिट्ठी भेजने को लेकर नवीन आर्या भले ही सफाई दे रहे हैं, लेकिन अंदरखाने की खबर है कि उपेन्द्र कुशवाहा के जेडीयू में शामिल होने के बाद से पार्टी के कई कुशवाहा नेता नाराज हैं।
यह भी ख़बर आई थी कि महागठबंधन सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में उपेन्द्र कुशवाहा को मंत्री न बना दिया जाए इसको लेकर पटना के एक बड़े होटल में बैठक हुई थी।
इसमें जेडीयू के कई कुशवाहा नेता शामिल हुए थे, लेकिन तब उपेन्द्र कुशवाहा ने स्पष्ट किया था कि वो मंत्री नहीं बनना चाहते हैं, और न ही कभी मंत्री बनेंगे।
लेकिन इसके बावजूद गुटबाज़ी खत्म नहीं हुई है। उपेन्द्र कुशवाहा से जब जारी किए गए इस लेटर को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस पर और होटल में हुई बैठक पर सफाई दी।
उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा मुझे नहीं पता कि जेडीयू में मेरे खिलाफ किसी को कोई नाराजगी है। जहां तक पटना के एक होटल में हुई बैठक की बात है तो वो बड़ा होटल है, मेरी नजर उस तरफ नहीं पहुंच पाती है।
मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। मैं यात्रा पर निकलने वाला हूं, मेरी नजर पार्टी को मजबूत करने पर है, और मै उसी मुहिम में लगा हुआ हूं।