छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई लगातार जारी है।
प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को रायपुर, भिलाई, दुर्ग, महासमुंद, कोरबा, रायगढ़ में आईएएस अफसर, चार्टेड एकाउंटेंट सहित नेताओं के यहां रेड मारी थी।
गुरुवार को रायपुर में ईडी ने IAS समीर विश्नोई, कारोबारियों सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी को गुरुवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, सभी आरोपियों को 8 दिनों की रिमांड पर भेजा गया है।
ईडी ने कोर्ट में बताया कि समीर विश्नोई के घर में 4 किलो सोना, 20 कैरेट हीरा और 47 लाख रुपये नगद मिले हैं।
ईडी ने जब्त सोना की कीमत 2 करोड़ 20 लाख रुपये बताई है। ईडी ने अब तक 6.50 करोड़ के गहने और नकद जब्त किया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने आधिकारिक तौर पर बताया कि तलाशी अभियान में बेहिसाब नकदी, सोना और गहनों के रूप में लगभग 6.5 करोड़ रुपये जब्त किए हैं।
विशेष अदालत पीएमएलए रायपुर ने ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए 3 व्यक्तियों (1 आईएएस अधिकारी सहित) को 21 अक्टूबर तक 8 दिनों के लिए हिरासत में लिया है।
सभी से कोयला घोटाला मामले में पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act) के तहत कोर्ट से रिमांड पर लिया गया है।
तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। वहीं ईडी की कार्रवाई से छत्तीसगढ़ की सियासत गर्म है।
निवेश, खनन लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए
ईडी ने चिप्स के CEO और IAS अधिकारी समीर विश्नोई को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था।
समीर विश्नोई को कोर्ट में पेश करने से पहले मेकाहारा में मेडिकल चेकअप कराया गया। कारोबारी सुनील अग्रवाल, लक्ष्मीकांत तिवारी की भी गिरफ्तारी हुई है।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी के दौरान करीब 6.50 करोड़ रुपये की नकदी और आभूषण जब्त किए हैं।
यह राशि सरकारी अधिकारियों और प्राइवेट संस्थाओं दोनों जगह से बरामद किए गए हैं। ईडी ने निवेश और खनन लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जिसकी जांच की जा रही है।
वहीं रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू ने ईडी को जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है। ईडी द्वारा रानू साहू से पूछताछ किए जाने की खबर है।