ईरान की चेतावनी, नए प्रतिबंध लगे तो होर्मुज से एक बूंद तेल भी नहीं निकलने देंगे…

ईरान की चेतावनी, नए प्रतिबंध लगे तो होर्मुज से एक बूंद तेल भी नहीं निकलने देंगे…

ईरान को दबाव में लाने के लिए अमेरिका आर्थिक प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री स्कॉट बेसेंट की ईरान पर अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी के बाद तेहरान ने भी पलटवार की धमकी दी है।

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने सोमवार को कहा कि यदि अमेरिका ईरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध शुरू करता है तो उनका देश भी इसके लिए तैयार है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए तो होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल का निर्यात पूरी तरह रोक दिया जाएगा।

एएनआई के अनुसार, रेजाई ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिका के आर्थिक अभियान में किसी भी देश के शामिल होने या उसका समर्थन करने को ईरान अपने खिलाफ युद्ध की कार्रवाई मानेगा। उन्होंने कहा कि यदि आर्थिक युद्ध जारी रहा तो होर्मुज से तेल की एक बूंद भी बाहर नहीं जाने दी जाएगी।

इस बीच अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जानसन ने ईरान को सांप बताते हुए कहा कि अमेरिका ने उसे सिर से दबोच रखा है और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आतंकवाद के सबसे बड़े प्रायोजक के हाथ परमाणु हथियार न लगें। बातचीत की कोशिश, खाड़ी में बढ़ता तनावदोनों देशों के बीच बातचीत फिर शुरू कराने के प्रयास भी जारी हैं।

पीटीआई के अनुसार, मध्यस्थता की कोशिशों के तहत पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे और ईरानी अधिकारियों के साथ बैठक की। हालांकि, इसी दौरान क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाली एक और घटना सामने आई।

एपी के अनुसार, यमन के हाउती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के एक और तेल टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया। सऊदी कंपनी के मुताबिक हमले में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।

होर्मुज में 45 टैंकर ब्लैकलिस्ट

अल जजीरा के अनुसार, तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में 45 तेल टैंकरों को ब्लैकलिस्ट करने की बात कही है।

ईरान के मुताबिक, भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों और उनके साथ कारोबार करने वाले जहाजों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथारिटी ने कार्गो मालिकों को सलाह दी है कि वे गैर-अनुपालन वाले जहाजों की सूची देखकर ही आगे की कार्रवाई करें।

वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) का दावा है कि 13 जुलाई के बाद से 70 जहाजों को ईरानी बंदरगाहों से आगे बढ़ने से रोका जा चुका है।

अमेरिकी ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने भी चेतावनी दी है कि यदि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया तो अमेरिका के ऊर्जा चोकप्वॉइंट और महत्वपूर्ण हितों को निशाना बनाया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि ईरान में हथियारों का उत्पादन जारी है और स्मार्ट व गाइडेड मिसाइलों का निर्माण भी हो रहा है। उनके मुताबिक, अमेरिका की यह सोच गलत है कि ईरान के पास हथियारों का सीमित भंडार है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आर्थिक युद्ध की बात करके अमेरिका खुद स्वीकार कर रहा है कि सैन्य मोर्चे पर उसके उद्देश्य पूरे नहीं हुए हैं।

मक्का रक्षा समझौते में शामिल होने का न्योता नहीं मिला: ईरान

एएनआई के अनुसार, ईरान ने उन खबरों को खारिज किया है कि उसे सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने का निमंत्रण मिला है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान को मक्का पैक्ट में शामिल होने का कोई न्योता नहीं मिला है। हालांकि, इन देशों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बातचीत के प्रस्ताव जरूर रखे गए हैं।

सात अगस्त को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच हुए इस समझौते में किसी एक देश पर हमला होने की स्थिति में उसे सभी पक्षों पर हमला माना गया है। ईरान को इस समझौते से दूर रखा गया है, लेकिन तेहरान के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा पर बातचीत के विकल्प खुले रखे जाने की बात कही गई है।

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