अफगानिस्तान से 55 सिखों और हिन्दू शरणार्थियों का अंतिम जत्था रविवार की शाम को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंच गया है।
इस जत्थे में 3 शिशु और 17 बच्चे भी शामिल रहे, आम आदमी पार्टी के सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने इससे पहले शरणार्थियों के इस ‘अंतिम जत्थे‘ का ई वीजा मंजूर किया था।
उनके यहां आगमन को भारत और अफगानिस्तान दोनों सरकारों ने सुगम बनाया है।
साहनी ने इससे पहले यहां एक बयान में कहा था कि 38 वयस्कों और तीन शिशुओं समेत 17 बच्चों को लाने के लिए अमृतसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने एक विशेष विमान की व्यवस्था की है।
साहनी ने ट्वीट किया-‘भगवान की कृपा से 55 सिखों एवं हिंदुओं का आखिरी जत्था अफगानिस्तान से सुरक्षित नई दिल्ली पहुंच गया।
विदेश मंत्रालय को धन्यवाद जिसने ई-वीजा जारी कर उन्हें वहां से यहां लाने में मदद की। एसजीपीसी को भी धन्यवाद। हम लोग, ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी‘ कार्यक्रम के तहत उनका पुनर्वास करेंगे।
इससे पहले उन्होंने बयान जारी कर कहा- हम इस आखिरी जत्थे को वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में थे, जो वहां फंसे हुए थे।
उन्होंने कहा कि पश्चिम दिल्ली के अर्जुन नगर में स्थित गुरुद्वारे में शरणार्थियों का स्वागत करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में सिख और हिंदू परिवारों पर लगातार हमले होने के चलते भारत सरकार ने इनके विस्थापन की योजना बनाई थी।
वहां फंसे परिवारों को भारत लाने के लिए ई वीजा देकर विस्थापन की राह आसान कर दी। यहां पहले भी सिख और हिंदू यहां लाए जा चुके हैं।
रविवार को अंतिम जथ्था अफगानिस्तान से भारत आया तो उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।