तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को उस समय राजनीतिक पारा चढ़ गया, जब मुख्यमंत्री जोसेफ सी. विजय ने गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान द्रमुक पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री के आक्रामक भाषण और पुराने भ्रष्टाचार के मामलों का हवाला दिए जाने के बाद सदन में भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद द्रमुक ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री पर “भटकाव की राजनीति” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़े अहम सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। वॉकआउट के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय पर तीखा प्रहार किया।
मुख्यमंत्री ने भटकाव की राजनीति का सहारा लिया- उदयनिधि
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और दिनदहाड़े हो रही हत्याओं जैसे 15 अहम सवालों के जवाब देने से बचने के लिए “भटकाव की राजनीति” का सहारा लिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री के भाषण को “रटा हुआ सिनेमाई स्क्रिप्ट” करार दिया और कहा कि वे जवाब देने के बजाय सरकारिया आयोग, मीसा और ईडी के पुराने मामलों का जिक्र करने लगे। द्रमुक नेता ने सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खनन अनुबंधों पर एकाधिकार जमाने के लिए मुख्यमंत्री के करीबियों – विष्णु रेड्डी, उनके रिश्तेदार सुजय रेड्डी और बिजनेस पार्टनर अनिल रेड्डी – द्वारा एक गुप्त कार्टेल चलाया जा रहा है, जिसके सबूत वे जल्द एक-एक करके सार्वजनिक करेंगे।
हालांकि, इन आरोपों पर नामित व्यक्तियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उदयनिधि ने विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर पर भी सत्ता पक्ष के पक्ष में एकतरफा और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं मिला।
मुख्यमंत्री विजय ने द्रमुक को आड़े हाथों लिया
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री विजय ने अपने संबोधन में द्रमुक शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार और कथित पार्टी फंड वसूली का जिक्र करते हुए द्रमुक को आड़े हाथों लिया था।