‘चुनौतियों को समस्या बनने से पहले ही खत्म करना होगा’, राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में बोले अमित शाह…

राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने चुनौतियों के समस्या बनने के पहले ही उन्हें नष्ट करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह फोरम आने वाले 15-20 सालों के ट्रेंड्स देखकर तय करे कि कौन-सी समस्या उठ सकती है और उसे रोकने की स्ट्रैटेजी क्या हो।

सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। विकसित भारत की पहली शर्त है मजबूत आंतरिक सुरक्षा। हर क्षेत्र में अव्वल बनना है तो आंतरिक सुरक्षा और सुदृढ़ करनी ही पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने नारकोटिक्स, माओवाद और नार्थ ईस्ट की समस्याओं को विकराल होने से पहले ही विजुअलाइज किया होता तो देश को दशकों तक इनका दंश न झेलना पड़ता।

मोदी सरकार ने आंतरिक सुरक्षा के तीनों हाट स्पाट में खड़ी चुनौती को समाप्त किया है और इसका संपूर्ण यश हर राज्य की पुलिस फोर्स, केंद्रीय एजेंसियों और अर्धसैनिक बलों को जाता है।

शाह ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर का यह फोरम आने वाले 15-20 सालों के ट्रेंड्स देखकर तय करे कि कौन-सी समस्या उठ सकती है और उसे रोकने की स्ट्रैटेजी क्या हो?

उनके अनुसार अगले एक वर्ष में तीनों न्याय संहिताओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन होगा, जिससे तीन साल के अंदर क्रिमिनल केसों का सुप्रीम कोर्ट तक निपटारा हो सकेगा और दोष सिद्धि दर में 25% की वृद्धि होगी।

गृह मंत्री ने कहा कि पिछले आठ माह में सभी सीमावर्ती राज्यों का दौरा कर हमने एक चतुष्कोणीय सीमा सुरक्षा दृष्टिकोण का डाक्यूमेंट राज्यों से साझा किया है और बहुत कम समय में देश को घुसपैठिया मुक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।

उन्होंने साफ किया -‘ ये देश धर्मशाला नहीं है और इस देश में देश के नागरिकों को ही रहने का अधिकार है। घुसपैठिए देश की सुरक्षा, अर्थतंत्र और जनसांख्यिकी परिवर्तन तीनों के लिए खतरा हैं। ‘

शाह ने बताया कि कैसे पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) पर एक ही रात में स्ट्राइक कर और उसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर पूरे कैडर का ध्वस्तीकरण किया। यह केंद्र-राज्य समन्वय काउत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें सभी राज्यों ने सहयोग दिया।

उन्होंने आतंकवाद के संपूर्ण उन्मूलन के लिए ‘प्रहार’ को दस्तावेज से हर दिन की प्रैक्टिस तक ले जाने और 360 डिग्री आतंकवादी नेटवर्क को समाप्त करने का आह्वान किया।

शाह ने नारकोटिक्स कंट्रोल विजन क्यूमेंट 2026-2029 पर सभी राज्यों की पुलिस को काम करने और नई पीढ़ी को सुरक्षित करने के लिए जमीन पर उसे उतारने के लिए डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्राय की नीति पर काम करने को कहा।

उन्होंने सभी युवा अफ़सरों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर डाटा इंटीग्रेशन, एनालिसिस और काम करने के तरीके की पहचान कर ऐक्शनेबल इंटेलिजेंस डेवलप करने का आह्वान किया ताकि भविष्य की चुनौतियों को पहले रोका जा सके।

उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने किस तरह भगोड़ा विरोधी तंत्र सुदृढ़ किया और 2019-26 तक लगभग 274 भगोड़े विदेश से लाए गए। इसी तरह मोदी सरकार ने मल्टी एजेंसी सेंटर (मैक) को अपग्रेड कर मल्टी-डायमेंशनल रिजल्ट देने वाला प्लेटफार्म बना दिया।

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