मंगल ग्रह पर कम से कम 3 बार बहा पानी! नासा के पर्सवेरेंस रोवर की जेजेरो क्रेटर में बड़ी खोज…

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के पर्सिवरेंस रोवर को मंगल ग्रह पर पानी के प्राचीन इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। रोवर के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, मंगल के जेजेरो क्रेटर में स्थित चट्टानों का कम से कम तीन अलग-अलग समय पर पानी से सीधा संपर्क हुआ था।

यह खोज कम्युनिकेशन्स अर्थ एंड एनवायरनमेंट जर्नल में प्रकाशित हुई है, जो लाल ग्रह के पानी वाले अतीत और वहां कभी जीवन के अनुकूल स्थितियों को समझने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

रोवर को मिलीं आग्नेय चट्टानें

वैज्ञानिकों की शुरुआत में जेजेरो क्रेटर के मार्जिन यूनिट वाले इलाके में काफी दिलचस्पी थी, क्योंकि ऑर्बिटर्स के जरिए वहां कार्बोनेट खनिजों के मजबूत संकेत मिले थे। शोधकर्ताओं को उम्मीद थी कि वहां तलछटी चट्टानें मिलेंगी, लेकिन रोवर को वहां आग्नेय चट्टानें मिलीं, जो प्राचीन मैग्मा के जमने से बनी थीं।

सबसे खास बात यह रही कि मैग्मा से बनी इन चट्टानों के भीतर पानी के साथ हुए संपर्क के रासायनिक सबूत बेहद सुरक्षित स्थिति में मिले हैं।

पर्सिवरेंस के सुपरकैम उपकरण ने लेजर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 185 से अधिक चट्टानी सतहों का गहन रासायनिक अध्ययन किया। जांच से पता चला कि तीन अलग-अलग चरणों में पानी ने इन चट्टानों की संरचना को बदला था।

चट्टानों में सिलिका की मौजूदगी

पहले चरण में, कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों की चट्टानों में ओलिविन के दाने टूटे हुए मिले, जिनमें सिलिका मौजूद था। कार्बन-डाइऑक्साइड से भरपूर भूजल जब इन चट्टानों के संपर्क में आया, तो उनमें कार्बोनेट से भरी दरारें बन गईं।

दूसरे चरण में, पानी से जुड़ा बदलाव जेजेरो क्रेटर की प्राचीन झील से संबंधित पाया गया। झील के जलस्तर के नीचे रहने वाले इलाकों की चट्टानों में सिलिका की मौजूदगी इस बात की पुष्टि करती है।

तीसरे और अंतिम चरण में, मार्जिन यूनिट के पूर्वी भाग में कैल्शियम सल्फेट और फ्लोराइट युक्त खनिज शिराएं पाई गईं। फ्लोराइट आमतौर पर तब बनता है जब गर्म भूजल ज्वालामुखी चट्टानों से होकर गुजरता है, जो मंगल के भूमिगत हाइड्रोथर्मल गतिविधियों का स्पष्ट संकेत देता है।

क्या है पर्सिवरेंस रोवर का मुख्य उद्देश्य?

पर्सिवरेंस रोवर का मुख्य उद्देश्य मंगल ग्रह के भूविज्ञान और जलवायु का अध्ययन करते हुए प्राचीन सूक्ष्मजीव जीवन के अंश खोजना है। पृथ्वी पर कार्बोनेट अक्सर उथले पानी में बनते हैं और सूक्ष्मजीवों के जीवाश्मों को सुरक्षित रख सकते हैं।

रोवर फिलहाल इन महत्वपूर्ण चट्टानों और मिट्टी के नमूनों को सुरक्षित स्टोर कर रहा है, जिन्हें भविष्य के मंगल मिशनों के जरिए विश्लेषण के लिए पृथ्वी पर लाया जाएगा।

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