सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जुलाई में ठाणे के एक अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट के आरोपित शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे से उनकी जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा।
कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोग सड़कों पर घूमने के लायक नहीं हैं। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने म्हात्रे को नोटिस जारी किया और राज्य सरकार की याचिका पर तीन हफ्ते में उनसे जवाब मांगा। इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
पीठ म्हात्रे की याचिका समेत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें पार्षद पर जमानत की शर्तें लगाने के मुंबई हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद को अपनी अपील वापस लेने की इजाजत दे दी। कहा कि डॉक्टरों पर हमला करने वाले जमानत के हकदार नहीं हैं।