अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम पर सहमति कराने के लिए पूरे विश्व में पाकिस्तान की भूमिका पर चर्चा शुरू हो गई है। कई देशों के नेताओं ने युद्धविराम को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणियां साझा की है। इन टिप्पणियों में पाकिस्तान की तारीफ की जा रही है कि, उसने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करवा दिया है। हालांकि, यह शर्त से साथ लागू किया गया अस्थाई युद्धविराम है।
एक तरफ जहां ईरान और अमेरिका इस युद्धविराम को पूरी दुनिया, विशेष तौर से मध्य पूर्व के लिए एक स्वागत योग्य घटनाक्रम बता रहे हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक इसे पाकिस्तान के लिए एक बड़ी राजनयिक सफलता बता रहे हैं और संघर्ष को रोकने में इस्लामाबाद की भूमिका की प्रशंसा कर रहे हैं।
दुनिया भर के नेताओं ने पाकिस्तान की भूमिका को सराहा
पाकिस्तान में ब्रिटिश उच्चायुक्त जेन मैरियट ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “इस महत्वपूर्ण युद्धविराम को सुनिश्चित करने में चुपचाप, प्रभावी और राजनयिक भूमिका निभाने के लिए पाकिस्तान का शुक्रिया।” न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने एक्स पर एक संदेश में ईरान और अमेरिका द्वारा युद्धविराम की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा, “हम इस संकट का समाधान खोजने के लिए पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देशों के प्रयासों के लिए आभारी हैं।”
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने संघर्ष को कम करने में पाकिस्तान सहित अन्य देशों की भूमिका की भी सराहना की है। उन्होंने लिखा, “हम तनाव कम करने के प्रयासों के लिए पाकिस्तान, मिस्र, तुर्की और सऊदी अरब सहित सभी वार्ताकारों के प्रयासों का आभार व्यक्त करते हैं और उनका समर्थन करते हैं।”
नॉर्वे ने कहा-डिप्लोमेसी को मिला एक और मौका
नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ आइडे ने भी युद्धविराम का स्वागत किया है और पाकिस्तान की तारीफ की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मैं ईरान और अमेरिका के बीच अस्थाई युद्धविराम का स्वागत करता हूं। ऐसे समय में जब दुनिया एक खतरनाक तनाव के कगार पर खड़ी थी, इससे डिप्लोमेसी को एक मौका मिला है।”
अमेरिकी संसद के वरिष्ठ सदस्य ग्रेगरी मैक्स ने युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा, इससे दोनों पक्षों के अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों की जान बचेगी। उन्होंने आगे कहा, “मैं इस निष्कर्ष तक पहुंचने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना करना चाहूंगा।”
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी युद्धविराम का स्वागत किया और युद्धविराम में सहयोग देने वाले पाकिस्तान और अन्य देशों के प्रयासों की सराहना की।
यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी मध्यस्थता के प्रयासों के लिए पाकिस्तान को धन्यवाद दिया। मलेशिया के प्रधानमंत्री का कहना है कि बिना किसी भय या धमकी के सभी पक्षों से बातचीत करने के पाकिस्तान के प्रयास मुस्लिम एकजुटता और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी की सर्वोच्च परंपराओं को दर्शाते हैं।
भारत और बांग्लादेश ने भी युद्धविराम का किया स्वागत
भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा, “हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह पश्चिम एशिया में लंबे समय तक शांति लाएगा। जैसा कि हम पहले भी कहते आए हैं, तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति जरूरी हैं ताकि इस संघर्ष का जल्दी अंत हो सके।”
वहीं, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भी अस्थाई युद्धविराम का स्वागत किया है। प्रेस रिलीज में कहा गया कि, “बांग्लादेश मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के अस्थायी युद्धविराम का स्वागत करता है. बांग्लादेश इसे क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानता है।”