ट्रंप के घर से व्हाइट हाउस तक: ट्रेड डील के मास्टरमाइंड सर्जियो गोर कौन हैं, जिनका DJ से पावर कॉरिडोर तक का सफर रहा?…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े अक्षरों और आंकड़ों के साथ भारत के साथ व्यापार सौदे की घोषणा की है लेकिन असल में नई दिल्ली में बैठे उनके सबसे करीबी व्यक्ति सर्जियो गोर ने ही सोमवार को इसकी पहली झलक दिखाई थी।

यह समझौता तब सामने आया जब दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद और रणनीतिक चुनौतियां चरम पर थीं। गोर महज एक महीने पहले ही भारत के अमेरिकी राजदूत बने हैं। उन्होंने तेजी से ट्रंप की भारत नीति को नया आकार दिया।

ट्रंप-मोदी की दोस्ती ने किया कमाल

सर्जियो गोर ने जनवरी 2026 में नई दिल्ली में पदभार संभाला। दिल्ली आते ही उन्होंने पीएम मोदी और ट्रंप की तस्वीर भेंट की, जिस पर ट्रंप ने लिखा था- ‘मिस्टर प्रधानमंत्री, आप महान हैं।’

ट्रंप ने बीच-बीच में भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए आरोप लगाए और टैरिफ की धमकियां दीं, लेकिन गोर शुरू से ही सकारात्मक रहे।

अपने पहले भाषण में उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार पर ‘सक्रिय रूप से बातचीत’ कर रहे हैं। अब यह समझौता उनकी बात को साकार करता है।

उज्बेकिस्तान से अमेरिका तक का सफर

सर्जियो गोर का जन्म 1986 में ताशकंद (तब उज्बेक सोवियत गणराज्य) में हुआ था। उनका असली नाम सर्गेई गोरोखोव्स्की था, लेकिन बाद में सर्जियो गोर कहलाए।

उनका परिवार माल्टा में रहा और फिर पिछले के अंत में अमेरिका आ गया। माता-पिता रूसी मूल के हैं, हालांकि उनकी मां के पास इजरायली नागरिकता भी थी।

अमेरिका में नागरिकता मिलने के बाद गोर ने जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से 2008 में राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मामलों में डिग्री ली। करियर की शुरुआत सीनेटर रैंड पॉल के ऑफिस से की।

2020 में उन्होंने ट्रंप के चुनाव अभियान में ट्रंप विक्टरी फाइनेंस कमिटी के चीफ ऑफ स्टाफ बनकर फंडरेजिंग में कमाल दिखाया था। हालांकि ट्रंप चुनाव हार गए थे, लेकिन इसके बावजूद गोर उनके करीबी बने रहे।

मार-ए-लागो के ‘मेयर’ बने गोर

एक साल बाद गोर ने डोनल्ड ट्रंप जूनियर के साथ विनिंग टीम पब्लिशिंग कंपनी शुरू की। इस कंपनी ट्रंप की कई किताबें छापीं, जैसे ‘Our Journey Together’, ‘Letters to Trump’ और ‘Save America’, जो बेस्टसेलर भी बनीं।

ट्रंप परिवार के इतने करीब होने से उन्हें ‘मेयर ऑफ मार-ए-लागो’ का उपनाम मिला। ट्रंप के फ्लोरिडा रिसॉर्ट में वे हमेशा मौजूद रहते थे। यहां तक कि मैगा इवेंट्स में वे डीजे भी बनते थे।

व्हाइट हाउस से दिल्ली तक का सफर

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में गोर को व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सनल ऑफिस का डायरेक्टर बनाया गया। यहां उन्होंने 4,000 फेडरल स्टाफ की नियुक्तियां कीं और ‘लॉयल्टी टेस्ट’ से ट्रंप के वफादारों को जगह दी।

अगस्त 2025 में ट्रंप ने उन्हें भारत के लिए अमेरिकी राजदूत और साउथ- सेंट्रल एशिया के स्पेशल दूत नामित किया। फिर सीनेट ने अक्टूबर में पुष्टि की, नवंबर 2025 में शपथ ली और जनवरी 2026 में दिल्ली पहुंचे।

ट्रंप ने कहा था कि मैं किसी ऐसे व्यक्ति पर भरोसा करता हूं जो मेरी एजेंडा पर काम करे।

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