क्या है अमेरिका का E-3 सेंट्री रडार? कैसे ईरान की मिसाइलों ने US डिफेंस सिस्टम को दी मात?…

मिडल ईस्ट में जारी जंग उस समय एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया, जब सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इस हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए।

दरअसल, सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस अमेरिकी सैन्य अभियानों का एक प्रमुख केंद्र है। ईरान द्वारा किए गए इस हमले में न केवल सैन्य कर्मी हताहत हुए, बल्कि लंबी दूरी के अभियानों के लिए रीढ़ माने जाने वाले दो KC-135 टैंकर विमानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

अमेरिकी सैन्य उपकरणों को भारी नुकसान

जंग शुरू होने के बाद ईरान द्वारा किए इस हमले में अमेरिकी सैन्य उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा। जिसमें कम से कम दो केसी-135 हवाई ईंधन भरने वाले विमान शामिल हैं, जो लंबी दूरी के हवाई अभियानों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह हमला अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम की सबसे बड़ी विफलताओं में से एक मानी जा रहा है।

सुरक्षा कवच में सेंध पर सवाल

अब सवाल यह उठ रहा है कि ईरानी मिसाइलों ने कैसे अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम के E-3 सेंट्री (AWACS) जैसे आधुनिक रडार और निगरानी प्रणालियों को भेद दिया, क्योंकि E-3 सेंट्री, को आसमान की आंख कहा जाता है। यह 250 मील के दायरे में दुश्मन के हर कदम को ट्रैक करने की क्षमता रखता है।

अमेरिका और सहयोगियों द्वारा तैनात किए गए अत्याधुनिक हवाई रक्षा प्रणालियों के बावजूद, कुछ ईरानी मिसाइलें और ड्रोन रक्षा प्रणालियों को भेदने में कामयाब रहे हैं। ईरान द्वारा किए जा रहे हमले में लड़ाई शुरू होने के बाद से कम से कम 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 300 से अधिक घायल हुए हैं।

क्या है ई-3 सेंटई और क्यों है महत्वपूर्ण

ई-3 सेंट्री एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम है। इस विमान का उपयोग अमेरिकी सेना द्वारा हवाई निगरानी और युद्ध प्रबंधन के लिए किया जाता है। यह 250 मील से अधिक के दायरे में हवाई क्षेत्र की निगरानी करने में सक्षम है। यह रियल टाइम विमानों, मिसाइलों और अन्य खतरों का पता लगा सकता है और उनकी पहचान कर पीछा कर सकता है।

हालांकि, आधुनिक युग में बदलते खतरों के बीच इसे पुराना माना जा रहा है और अमेरिका अब ई-7 वेजटेल जैसे अधिक उन्नत प्रणालियों के पक्ष में इसे चरणबद्ध तरीके से हटाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ई-3 सेंट्री को पहले से ही कम करना शुरू कर दिया है और आने वाले समय में इसे नए ई-7 वेजटेल सिस्टम से बदलने की योजना बना रही है।

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