प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
आत्मा के कारक सूर्य देव के धनु और मीन राशि में रहने के दौरान खरमास लगता है। सूर्य देव के धनु और मीन राशि में रहने के दौरान गुरु का प्रभाव क्षीण या शून्य हो जाता है। इसके लिए खरमास में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है।
वहीं, सूर्य देव के मकर और मेष राशि में गोचर करने के बाद खरमास समाप्त होता है। इस दिन से सभी प्रकार के मांगलिक कार्य किए जाते हैं। अगर आप भी मई महीने में शादी करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो खरमस समाप्त होने के बाद इन तारीखों का प्लान कर सकते हैं।
कब से लगेगा खरमास?
आत्मा के कारक सूर्य देव 15 मार्च को राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन सूर्य देव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में सूर्य देव एक महीने तक रहेंगे। इसके बाद राशि परिवर्तन करेंगे। इस दौरान सूर्य देव कई बार नक्षत्र भी परिवर्तन करेंगे। कुल मिलाकर कहें तो 15 मार्च से खरमास लगेगा।
कब समाप्त होगा खरमास?
सूर्य देव मीन राशि में 30 दिनों तक रहेंगे। इसके बाद मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। आत्मा के कारक सूर्य देव 14 अप्रैल को राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। सूर्य देव के मेष राशि में गोचर करने के साथ ही खरमास समाप्त होगा। इसके बाद से सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्य किए जाएंगे।
अप्रैल 2026 विवाह का मुहूर्त
15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 अप्रैल में कुल 8 दिन शादी के मुहूर्त हैं।
मई 2026 विवाह का मुहूर्त
1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14 मई को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।
विवाह मंत्र
1. ॐ सृष्टिकर्ता मम विवाह कुरु कुरु स्वाहा
2. क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा”
3. ॐ देवेन्द्राणि नमस्तुभ्यं देवेन्द्रप्रिय भामिनि ।
विवाहं भाग्यमारोग्यं शीघ्रलाभं च देहि मे ॥
4. मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
5. हे गौरि शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकरप्रिया।
मां कुरु कल्याणि कान्तकातां सुदुर्लभाम्॥