उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पहली बार हिमाचल प्रदेश दौरे पर पहुंचे। उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षा समारोह में 29 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक व 509 को उपाधियां दीं। समारोह राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के सभागार में हुआ। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता विशेष अतिथि रहे।
हिमाचल सरकार के कृषि मंत्री चंद्र कुमार सहित नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सांसद अनुराग ठाकुर व डॉ. राजीव भारद्वाज भी इस दौरान उपस्थित रहे।
लड़कियों को आगे रहने पर दी बधाई
उपराष्ट्रपति ने केंद्रीय विश्व विद्यालय धर्मशाला के दीक्षा समारोह लड़कियों के आगे रहने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि आज लड़कियां कहीं पर भी लड़कों से पीछे नहीं है।
उन्होने लड़कों से भी पढ़ाई में लड़कियों से आगे बढ़ने की आग्रह किया। केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में कुल 29 छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए, जिनमें से 23 स्थानों पर लड़कियों ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए।
किसी की मातृभाषा का अपमान नहीं करना चाहिए : उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आतिथ्य सत्कार व अपनी अनूठी व समृद्ध संस्कृति के लिए हिमाचल की देश में अपनी एक अलग पहचान है। यहां के लोग एक मीठे सेब की तरह हैं। यह प्रदेश देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है और यहां के वीर लोगों ने देश की रक्षा में अपने बड़े बलिदान भी दिए हैं।
आज हमें किसी भी देश का सामना करने के लिए उसकी मातृ भाषा का ज्ञान होना भी जरूरी है। जब हम किसी भी देश की मातृ भाषा के ज्ञाता होंगे तो हम कहीं पर भी किसी से पीछे नहीं रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें किसी की भी मातृभाषा का अपमान नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है पर मैं इसे बोल नहीं पाता हूं।
निरंतर आगे बढ़ते रहना ही जीवन का लक्ष्य होना चाहिए
सीपी राधा कृष्णन ने कहा कि जीवन कभी खत्म नहीं होता है। यह सदैव आगे बढ़ता रहता है। बिना किसी बाधा व सोच के आगे निरंतर आगे बढ़ते रहना ही हमारे जीवन का लक्ष्य होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिना शिक्षा के जीवन की कोई सार्थकता नहीं है। इसलिए हमें अपना हौसला नहीं खोना चाहिए व एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने कहा कि अपने उज्जवल भविष्य के लिए सभी को मेहनत से आगे बढ़ना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने से कोई भी विकास से पीछे नहीं है व लोगों के आर्थिक विकास से ही गरीबी को दूर किया जा सकता है।
उन्होंने खुशी जाहिर की केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर पूरी तरह से नशामुक्त है। उन्होंने युवा पीढ़ी से भी आग्रह किया कि वह भी पूरे समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए जागरुकता फैलाएं।
श्री चामुंडा मंदिर में पूजा-अर्चना
उपराष्ट्रपति दीक्षा समारोह में भाग लेने के बाद श्री चामुंडा मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने पहले से तैयारी कर रखी थी। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी।
उपराष्ट्रपति को परोसी गई गुच्छी, ढिंगरी व कचनार की सब्जी
उपराष्ट्रपति को दोपहर के भोजन में गुच्छी, ढिंगरी व कचनार की सब्जी परोसी, तेलिये माह, चने की दाल व खोरू (छोंका हुआ दही) परोसे गए। हिमाचल पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की ओर से भोजन तैयार किया गया। दक्षिण भारतीय व्यंजनों की व्यवस्था भी रही।