प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
एक खूबसूरत तस्वीर किसी भी सूने कमरे की रौनक बढ़ा सकती है। लेकिन, क्या आपने कभी यह सोचा है कि ये तस्वीरें सिर्फ सजावट का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आपकी जिंदगी और किस्मत पर गहरा असर डाल सकती हैं?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर घर में तस्वीरें गलत दिशा में टंगी हों, तो वो घर की शांति, सुख-समृद्धि, पैसा और आपसी रिश्तों को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए, दीवारों पर कोई भी फोटो लगाते वक्त सिर्फ उसकी सुंदरता ही नहीं, बल्कि उसकी सही दिशा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।
1. पूर्वजों की तस्वीरें
हम अपने बड़े-बुजुर्गों के आशीर्वाद के लिए उनकी तस्वीरें घर में लगाते हैं, जो कि एक बहुत अच्छी बात है। लेकिन, ध्यान रहे, इन्हें कभी भी मंदिर (पूजा घर) में देवी-देवताओं के साथ नहीं रखना चाहिए। वास्तु कहता है कि पूर्वजों की फोटो हमेशा ‘दक्षिण’ दिशा की दीवार पर ही लगानी चाहिए।
2. भगवान की तस्वीरें
घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) लाने के लिए देवी-देवताओं की तस्वीरें लगाना बहुत शुभ होता है। लेकिन, इनका सही स्थान ‘उत्तर-पूर्व’ (ईशान कोण) होता है। इस दिशा में भगवान की फोटो लगाने से घर में बरकत और शांति आती है।
3. बहता हुआ पानी या झरने की फोटो
अक्सर लोग अपने ड्रॉइंग रूम में झरने या समुद्र की खूबसूरत पेंटिंग लगाते हैं। पानी से जुड़ी तस्वीरें हमेशा ‘उत्तर’ या ‘पूर्व’ दिशा में ही होनी चाहिए। अगर आपने झरने की फोटो दक्षिण दिशा में लगा दी, तो इससे बेवजह खर्चे बढ़ते हैं और करियर में रुकावट आती है। एक और जरूरी बात- तस्वीर में पानी का बहाव घर के अंदर की तरफ होना चाहिए, बाहर की तरफ नहीं, वरना पैसा भी घर से बाहर चला जाएगा।
4. पारिवारिक तस्वीरें
परिवार के सदस्यों के बीच प्यार और एकता बनाए रखने के लिए फैमिली ग्रुप फोटो (family group Photo) को ‘दक्षिण-पश्चिम’ दिशा में लगाना सबसे अच्छा माना जाता है। इसे भूलकर भी उत्तर या पूर्व दिशा में न लगाएं, वरना घर वालों के बीच दूरियां, मनमुटाव और छोटी-छोटी बातों पर झगड़े बढ़ सकते हैं।
5. भूलकर भी न लगाएं ऐसी तस्वीरें
घर में कभी भी खूंखार जानवरों (जैसे शेर, चीता), रोते हुए बच्चे, डूबती हुई नाव या युद्ध (जैसे महाभारत) के दृश्य वाली तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए। ये चीजें दिमाग पर नकारात्मक (Negative) असर डालती हैं और घर में अशांति और निराशा का माहौल पैदा करती हैं।
ये सभी नियम प्राचीन हिंदू ग्रंथों और वास्तु शास्त्र की मूल किताबों जैसे ‘विश्वकर्मा प्रकाश’ और ‘समरांगण सूत्रधार’ में विस्तार से वर्णित हैं। वास्तु शास्त्र दरअसल ऊर्जा और दिशाओं का एक सदियों पुराना विज्ञान है, जो हमें बताता है कि हमारे आस-पास की दिशाएं और चीजें हमारे जीवन, स्वास्थ्य और रिश्तों पर कैसा असर डालती हैं।