प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान कई चीजों का होना अनिवार्य माना जाता है, जिनमें से ‘शंख’ (Shankh) का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शंख न केवल एक पवित्र वस्तु है, बल्कि इसे सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का एक बड़ा स्रोत भी माना जाता है।
मान्यता है कि अगर घर में शंख को पूरे विधि-विधान और सही दिशा में रखा जाए, तो भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
शंख रखने की सही दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में शंख रखने के लिए दिशा का चुनाव बहुत सावधानी से करना चाहिए। शंख को हमेशा ‘ईशान कोण’ (उत्तर-पूर्व दिशा) में रखना सबसे शुभ माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र और वास्तु नियमों के अनुसार, ईशान कोण सबसे पवित्र दिशा है क्योंकि यहां देवी-देवताओं का वास होता है। इसी दिशा में भगवान विष्णु की उपस्थिति भी मानी जाती है, इसलिए शंख को यहां रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
इस दिशा में भूलकर भी न रखें शंख
जहां सही दिशा लाभ देती है। वहीं, गलत दिशा नुकसान का कारण बन सकती है। वास्तु के नियमों के मुताबिक, शंख को कभी भी घर या मंदिर की दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए।
ऐसा माना जाता है कि दक्षिण दिशा (South Direction) में शंख रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का संचार बढ़ सकता है, जो परिवार की उन्नति में बाधा डालता है।
साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
अक्सर लोग मंदिर में शंख रख तो देते हैं, लेकिन उसकी सफाई की अनदेखी कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शंख की पवित्रता बनाए रखने के लिए समय-समय पर इसकी सफाई अनिवार्य है।
हफ्ते में कम से कम एक बार शंख को गंगाजल से साफ करना चाहिए। अगर गंगाजल उपलब्ध न हो, तो साफ ताजे पानी का उपयोग भी किया जा सकता है।
शंख रखने और बजाने के फायदे
घर में शंख की मौजूदगी मात्र से कई वास्तु दोष अपने आप समाप्त हो जाते हैं। जब भी शंख बजाया जाता है, तो इसकी ध्वनि से निकलने वाली तरंगें वातावरण से नकारात्मकता को दूर करती हैं और मन को शांति प्रदान करती हैं।
नियमित रूप से शंख बजाने से माता लक्ष्मी का घर में स्थाई वास होता है और परिवार में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है।