अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है।
शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वेस्ट एशिया और गल्फ में बदलती स्थिति को लेकर बात की।
ट्रंप ने US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट की उस बात पर भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका ने इस तनाव के बीच भारत को रूस से तेल खरीदने की छूट दे दी है।
‘ऑयल प्रेशर कम करने के लिए ऐसा करता’
डोनल्ड ट्रंप ने जब भारत को रूस से तेल खरीदने की छूट को लेकर पूछा गया, तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘अगर कुछ होता, तो मैं बस थोड़ा प्रेशर कम करने के लिए ऐसा करता।’ राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बात US एयर फोर्स वन में कही।
ट्रंप ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि ऑयल प्रेशर, यहां बहुत सारा ऑयल है। हमारे पास बहुत सारा ऑयल है। हमारे देश में बहुत ज्यादा मात्रा में ऑयल है। यह सब बहुत जल्दी ठीक हो जाएगा।’
भारत सरकार ने कही ये बात
अमेरिकी मंत्री के इन दावों पर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। छूट पर विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए, अधिकारी ने कहा कि भारत की एनर्जी खरीद देश के हित से तय होती है।
एजेंसी के हवाले से एक और सीनियर सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘भारत जहां से भी तेल मिलेगा, खरीदेगा। हमारी तेल खरीद किसी खोखले नारों से तय नहीं होगी। भारत, रूस से तेल खरीदने के लिए कभी किसी देश की इजाजत पर निर्भर नहीं रहा है।’
ट्रंप के मंत्री ने किया था दावा
फॉक्स बिजनेस के साथ एक इंटरव्यू में यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दावा किया था, ‘भारतीय बहुत अच्छे एक्टर रहे हैं। हमने उनसे रूस से बैन किया गया तेल खरीदना बंद करने के लिए कहा था। उन्होंने ऐसा किया।’
स्कॉट बेसेंट ने आगे कहा, ‘वे रूस की जगह US तेल लेने वाले थे। लेकिन दुनियाभर में तेल की अस्थायी कमी को कम करने के लिए हमने उन्हें रूस का तेल लेने की इजाजत दे दी है। हम दूसरे रूसी तेल पर से बैन हटा सकते हैं।’