आज अमेरिका से भारत लाया जा रहा है लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई अनमोल, जो बाबा सिद्दीकी और मूसेवाला मर्डर में वांटेड है…

पूर्व मंत्री और राकांपा नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के कथित मास्टरमाइंड गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया है, वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की।

अमेरिकी अधिकारियों द्वारा उसकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उसके आज (बुधवार) सुबह लगभग 10 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने की उम्मीद है।

दिल्ली पुलिस की कई टीम हवाई अड्डे पर तैनात

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की कई टीमों को सुरक्षा प्रदान करने और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए हवाई अड्डे पर तैनात रहने का निर्देश दिया गया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस मुख्यालय में इस बात पर चर्चा चल रही है कि कौन सी एजेंसी उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार करेगी और दिल्ली की एक अदालत में पेश करने के बाद उसे हिरासत में लेगी।

 देश भर में 32 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज

जांचकर्ताओं ने कहा कि अनमोल पर देश भर में 32 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं – जिनमें राजस्थान में 20 मामले शामिल हैं – जिनमें जबरन वसूली, अपहरण, हत्या के प्रयास और लक्षित हत्याएं शामिल हैं। अधिकारी ने आगे कहा कि केंद्र तय करेगा कि किस एजेंसी को पहले हिरासत में लिया जाएगा।

बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 में कर दी हत्या

गौरतलब है कि पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 को बांद्रा स्थित उनके बेटे के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अनमोल के बड़े भाई लारेंस बिश्नोई समेत गैंग के तमाम सदस्य पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

अनमोल बिश्नोई गैंग्सटर लारेंस बिश्नोई का छोटा भाई है

कई मामलों में है अनमोल बिश्नोई की तलाश अनमोल बिश्नोई गैंग्सटर लारेंस बिश्नोई का छोटा भाई है, जो फिलहाल अहमदाबाद के साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है। इंटरपोलने अनमोल के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था।

अनमोल को मोस्ट वांटेड की सूची में शामिल करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने 10 लाख का इनाम भी घोषित किया था। अनमोल पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में हमलावरों को मदद करने का भी आरोप है।

नकली पासपोर्ट पर भारत से भागा था अनमोल

बिश्नोई अप्रैल 2022 में भानु नाम के नकली पासपोर्ट पर भारत से भाग गया था। उसके पास कथित तौर पर रूस का पासपोर्ट है, जिसे उसने फर्जी दस्तावेजों की मदद से तैयार कराया है। यह माना जाता रहा कि वह गोल्डी बरार और दूसरे साथियों के साथ भी संपर्क में था।

बिश्नोई के खिलाफ 18 मामले दर्ज हैं। उसकी वापसी भारतीय एजेंसियों के लिएबड़ी सफलता है, जो बिश्नोई गिरोह के विस्तारित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास कर रही हैं। माना जाता है कि ये नेटवर्क उत्तरी अमेरिका से संचालित हो रहा था।

अनमोल की वजह से लॉरेंस-गोल्डी में आई दरार

इस साल जून में गोल्डी बरार और लारेंस बिश्नोई अलग हो गए थे। ये दोनों पढ़ाई के दौर से अच्छे मित्र थे। अलग होने से पहले दोनों साथ में वसूली, हत्या और ड्रग्स व हथियारों की तस्करी के साथ-साथ अन्य अपराधों में संलिप्त थे। दोनों के बीच अलगाव का कारण भी अनमोल ही था।

लॉरेंस बिश्नोई को पता चला था कि बरार और एक अन्य गैंग्सटर रोहित गोदारा ने अनमोल की जमानत में मदद नहीं की थी। अनमोल को अमेरिका में जमानत तो मिल गई लेकिन उसे जीपीएस ट्रैकर पहनकर रहना पड़ता था।

गोल्डी बरार से अलग होने के बाद लारेंस ने हरियाणा के गैंग्सटर काला राणा के भाई नोनी राणा से हाथ मिला लिया।

सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग के मामले में पुलिस ने चार्जशीट में दर्ज किया है कि अनमोल ने शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को प्रेरित करने के लिए नौ मिनट का भाषण दिया था, जिसका लब्बोलुआब ये था कि इस काम से उन्हें प्रसिद्धिमिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *