अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना दूसरा कार्यकाल संभालने के बाद बुधवार को पहली कैबिनेट मीटिंग की है।
इस बैठक के दौरान ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध से लेकर कनाडा और मेक्सिको पर लगाए गए टैरिफ जैसे फैसलों पर भी बातचीत की है।
वहीं बैठक में ट्रंप के करीबी एलन मस्क भी शरीक हुए। ट्रंप की सरकार में डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के सलाहकार की भूमिका निभा रहे मस्क ने इस दौरान एक बड़ा दावा किया है।
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने दावा किया है कि DOGE द्वारा विदेशी फंडिंग में कटौती करने और हजारों संघीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के फैसलों को लेकर चल रहे विवादों के बीच उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
एलन मस्क ने यह दावा तब किया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने उनसे DOGE के काम को लेकर अपने विचार पेश कहने के लिए कहा।
जवाब में मस्क ने कहा कि उनकी टीम सरकार के कंप्यूटर सिस्टम को ठीक करने में मदद करने के लिए काम कर रही है।
मस्क ने कहा, “DOGE का मुख्य लक्ष्य संघीय घाटे को कम करना था। हम एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च कर रहे हैं। अगर यह जारी रहा तो देश सचमुच दिवालिया हो जाएगा। इसका कोई विकल्प नहीं है। यह एक जरूरी चीज है, और यही वजह है कि मैं यहां हूं।”
मस्क ने आगे कहा, “इस वजह से मैं बहुत सारी आलोचनाएं झेल रहा हूं। मुझे मौत की धमकियां मिल रही हैं। लेकिन अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो अमेरिका दिवालिया हो जाएगा। हम एक ट्रिलियन डॉलर बचाने का एक तरीका खोज सकते हैं।”
इस दौरान ट्रंप एक बार फिर मस्क की तारीफों के पुल बांधते भी नजर आएं। वहीं कैबिनेट बैठक के बाद ट्रंप प्रशासन ने संघीय एजेंसियों को कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी करने का आदेश दिया है।
बता दें कि ट्रंप के पदभार ग्रहण करने के बाद से देश के लगभग 2.3 मिलियन संघीय कर्मचारियों में से 1 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को निकाल दिया गया है।